मानसून की तेजी से वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल
08-Oct-2025 09:25 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि वापसी यात्रा के क्रम में मानसून का रास्ते रोकने वाला अवरोध अब कमजोर पड़ गया है और इसलिए अब मानसून ज्यादा तेज गति से वापस लौट सकता है।
गुजरात के शेष भागों, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों से मानसून अगले 3-4 दिनों में प्रस्थान कर जाएगा।
इसी अवधि के दौरान वह दक्षिणी प्रायद्वीप में पहुंच सकता है। उधर बंगाल की खाड़ी में परिवर्तनीय पोजीशन का निर्माण हो रहा है जो दक्षिण-पश्चिम मानसून की समाप्ति एवं उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन का सूचक है।
लेकिन मानसून की वापसी यात्रा के दौरान कई राज्यों में हुई जोरदार बारिश खरीफ फसलों के लिए कस्टदायक साबित हो रही है। एक सघन पश्चिमी, विक्षोभ पीछे से आकर उत्तरी राजस्थान एवं इससे स्टे हरियाणा के ऊपर कम दाब के क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है।
ऐसा बहुत कम होता है। समझा जाता है कि शक्ति नामक भयंकर समुद्री चक्रवाती तूफान के अवशेष में मौजूदा नमी के सहारे यह पश्चिमी विक्षोभ डिप्रेशन में बदल रहा है।
इसके प्रभाव एवं प्रकोप से पश्चिमोत्तर भारत में पहाड़ी तथा मैदानी भाग में कई जगह भारी वर्षा होने की संभावना है जिससे खरीफ फसलों को हानि की आशंका बढ़ जाएगी।
इतना ही नहीं बल्कि इससे मानसून के वापस लौटने की गति पर भी असर पड़ सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून वहां से प्रस्थान की तैयारी में है।
अक्टूबर के प्रथम सप्ताह के दौरान पंजाब में सामान्य से करीब 415 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 248 प्रतिशत अधिशेष बारिश हुई जबकि हरियाणा, दिल्ली एनसीआर एवं उत्तराखंड में भी असामान्य रूप से जबरदस्त बारिश दर्ज की गई। जम्मू कश्मीर हिमाचल प्रदेश के उत्तराखंड में कई जगहों पर भीषण बर्फबारी भी शुरू हो गई है।
