मानसून की वापसी यात्रा में गतिरोध जारी रहने की संभावना

30-Sep-2025 01:03 PM

तिरुवनंतपुरम। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 14 सितम्बर को ही आरम्भ हो गई थी लेकिन इसकी मात्रा में लगातार अवरोध देखा जा रहा है जिससे इसके लौटने की गति धीमी पड़ गई है। अब एक बार फिर इसमें अवरोध उत्पन्न हो गया है। फिलहाल मानसून अपनी वापसी यात्रा के शुरू में गुजरात के वेरावल एवं भरूच, मध्य प्रदेश के उज्जैन तथा उत्तर प्रदेश के झाँसी एवं शाहजहाँपुर से होकर गुजर रहा है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी सात दिनों के दौरान इसमें ठहराव रह सकता है और इसके आगे बढ़ने की रफ्तार बहुत धीमी रह सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के ऊपर का दाब का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है जबकि उत्तरी मध्य महाराष्ट्र के ऊपर कम दाब का क्षेत्र बन गया है। पश्चिमी भारत में मौसम काफी भारी दिख रहा है। गुजरात के जिन इलाकों से मानसून प्रस्थान कर चुका है तथा कोंकण एवं मुंबई में भी बादलों का झुंड पहुँचने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर उत्तरी एवं मध्यवर्ती क्षेत्र में वर्षा से प्रेरित नया कम दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है जबकि यह 2 अक्टूबर तक बरकरार रह सकता है। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इधर दक्षिण चीन सागर के बेसिन से एक तूफान गुजर रहा है, जिसके अवशेष भाग के असर से बंगाल की खाड़ी में भी हलचल मच सकती है।
बंगाल की खाड़ी से वर्षा सहित हवा का प्रवाह पश्चिमी भाग से आने वाले मानसून का रास्ता रोक सकता है, जिससे कुछ दिनों तक मानसून में ठहराव का माहौल बनने की संभावना है। दूसरी ओर कम दाब या डिप्रेशन के कारण मध्यवर्ती भारत तथा उत्तरी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में वर्षा होने की उम्मीद है। उत्तरी मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के ऊपर निर्मित कम दाब का क्षेत्र कंबे की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है। आगे चलकर यह गुजरात के सौराष्ट्र होते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर की ओर जा सकता है और तब तक बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नए कम दाब के क्षेत्र का निर्माण हो सकता है।
चालू सप्ताह के पहले दिन यानी 29 सितम्बर को दक्षिणी गुजरात, विदर्भ, दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिणी ओडिशा एवं उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तथा इसके निकटवर्ती क्षेत्रों से होकर एक वर्षा-प्रेरित ट्रफ गुजर रहा था, जबकि दूसरा सर्कुलेशन उत्तरी हरियाणा एवं इसके आस-पास के क्षेत्रों के ऊपर मौजूद था। पिछले दिन पश्चिमी भारत, ओडिशा एवं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा हुई। दक्षिणी भारत में भी बारिश दर्ज की गई।