मार्च के बाद भारत में ऑस्ट्रेलियाई मसूर के आयात में भारी गिरावट
12-Aug-2025 05:46 PM
मुम्बई। भारत में ऑस्टेलिया से अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की छमाही में मसूर की अच्छी मात्रा का आयात हुआ लेकिन अप्रैल से इसकी रफ्तार धीमी पड़ने लगी।
एक तो नई घरेलू फसल की आवक शुरू हो गई और दूसरे, इसके आयात पर 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू हो गया। पहले हुए भारी आयात से घरेलू बाजार में मसूर की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम हो गई और कीमतों में थोड़ी नरमी आ गई।
ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया से अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही में 1,26,658 टन तथा जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में 1,66,410 टन मसूर का आयात किया जबकि अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में यह आयात घटकर मात्र 7776 टन पर अटक गया। इसके तहत अप्रैल में सिर्फ 1125 टन मसूर का आयात हुआ
जबकि मई में 2635 टन और जून में 4016 टन का आयात किया गया। इस तरह अक्टूबर 2024 से जून 2025 के नौ महीनों में भारत में ऑस्ट्रेलिया से कुल 3,00,844 टन मसूर का आयात किया गया।
एबीएस की रिपोर्ट से ज्ञात होता है कि चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती 9 महीनों में यानी अक्टूबर 2024 से जून 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से कुल मिलाकर 8,92,988 टन मसूर का निर्यात किया गया जिसमें अकेले भारत को हुए शिपमेंट की भागीदारी एक-तिहाई से अधिक रही।
इसके बाद बांग्ला देश को सर्वाधिक 3,38,154 टन, श्रीलंका को 1,13,287 टन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 39,332 टन, पाकिस्तान को 66,213 टन तथा नेपाल को 20,056 टन मसूर का शिपमेंट किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि ऑस्ट्रेलिया से 90 प्रतिशत से अधिक मसूर का निर्यात दक्षिण एशिया के देशों और खासकर भारतीय उप महाद्वीप में किया जाता है। इसके अलावा मिस्र (11,042 टन) सहित कई अन्य देशों को भी थोड़ी-बहुत मात्रा में मसूर का निर्यात किया गया।
