मार्च से दिसम्बर 100.75 लाख टन सरसों की आवक

02-Jan-2026 08:52 PM

जयपुर। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से यद्यपि दिसम्बर में सरसों की घरेलू आवक घटकर 4 लाख टन पर अटक गई लेकिन पूर्ववर्ती महीनों में अच्छी आवक होने से मार्च-दिसम्बर 2025 के नौ महीनों में इसकी कुल आपूर्ति सुधरकर 100.75 लाख टन पर पहुंच गई।

जयपुर (राजस्थान) के चांदपोल की अनाज मंडी में स्थित लोकप्रिय प्रतिष्ठान- मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल चतर द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार इस 100.75 लाख टन की कुल आवक में से 9.75 लाख टन सरसों की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई जबकि शेष 91 लाख टन का स्टॉक उद्योग- व्यापार क्षेत्र के लिए उपलब्ध रहा। 

सरकारी एजेंसियों के पास 7 लाख टन सरसों का पुराना स्टॉक मौजूद था और 9.75 लाख टन की खरीद  बढ़कर 16.75 लाख टन पर पहुंचा। इसमें से 13.25 लाख टन की बिक्री हो चुकी है और 3.50 लाख टन का स्टॉक बचा हुआ है। घरेलू बाजार भाव ऊंचा होने से सरकारी एजेंसियों को सरसों बेचने में आसानी हो रही है। 

2024-25 के रबी सीजन में 109.25 लाख टन सरसों का उत्पादन आंका गया जबकि किसानों के पास एक लाख टन का पुराना स्टॉक भी था। इसमें से 100.75 लाख टन की आपूर्ति हो गई जिससे।

जनवरी 2026 के उत्पादकों के पास 9.50 लाख टन सरसों का स्टॉक बच गया। मार्च-दिसम्बर 2025 के दौरान 102.25 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई। सरकारी एजेंसियों की भारी बिक्री से यह संभव हो सकी। 

पूरा गणित इस तरह से समझा जा सकता है। 1 मार्च 2025 को 1.00 लाख टन सरसों का पुराना स्टॉक था, सीजन के दौरान 31 दिसम्बर 2025 तक 100.75 लाख टन सरसों की आवक हुई, इसमें से 9.75 लाख टन की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई

जबकि पिछले स्टॉक के साथ उसमें 13.25 लाख टन की बिक्री की। इसके बाद 102.25 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई और मिलर्स-प्रोसेसर्स के पास 3 लाख टन सरसों का स्टॉक बच गया।