मौसम की प्रतिकूल स्थिति के बीच अर्जेन्टीना में सोयाबीन की 64 प्रतिशत बिजाई पूरी

19-Dec-2024 08:28 PM

ब्यूनस आयर्स । पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना  में किसान मक्का की विलम्बित बिजाई के बजाए सोयाबीन की खेती को प्राथमिकता देंगे जिससे इसके क्षेत्रफल एवं उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है लेकिन अब जो संकेत मिल रहे हैं वे उस उम्मीद के अनुरूप नहीं हैं।

दरअसल अर्जेन्टीना में किसानों ने पहले मक्का का क्षेत्रफल घटाने तथा सोयाबीन का रकबा बढ़ाने का प्लान बनाया था क्योंकि पिछले साल वहां मक्का की फसल को कीड़ों-रोगों से भारी नुकसान हुआ था लेकिन अब मौसम की हालत खराब होने लगी तब सोयाबीन की खेती के प्रति किसानों का आकर्षण घटने लगा। 

अर्जेन्टीना संसार में सोयाबीन का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि सोया तेल एवं सोयामील के निर्यात में प्रथम स्थान  पर रहता है। भारत सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से किया जाता है।

वहां राष्ट्रीय स्तर पर पिछले सप्ताह के अंत तक 64.7 प्रतिशत भाग में सोयाबीन की बिजाई पूरी हो चुकी थी जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बिजाई 59.5 प्रतिशत क्षेत्र में हुई थी। कोर उत्पादक क्षेत्र में तो बिजाई 90 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है जबकि दक्षिणी क्षेत्र 40 से 60 प्रतिशत और सुदूर उत्तरी क्षेत्र में 10 प्रतिशत से कम बिजाई हुई है।

दोहरी फसल वाली सोयाबीन की बिजाई भी लगभग 30 प्रतिशत हो चुकी है। सबसे अगैती बिजाई वाले क्षेत्रों में सोयाबीन के पौधों में फूल लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

अर्जेन्टीना में सोयाबीन की 1 प्रतिशत फसल को कमजोर या खराब, 34 प्रतिशत को सामान्य तथा 65 प्रतिशत को उत्सावर्धक स्थिति में आंका गया है

लेकिन अब वहां मौसम की हालत प्रतिकूल होने लगी है जिससे सोयाबीन की बिजाई एवं फसल की प्रगति के प्रति किसानों की चिंता बढ़ गई है। इससे सोयाबीन के उत्पादन में कुछ गिरावट आने की आशंका बन सकती है।