मौसम में ठंडक बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा होने की उम्मीद
06-Mar-2025 12:23 PM
नई दिल्ली। उत्तरी भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में ठंडी हवा का प्रवाह जारी रहने से तापमान में गिरावट आ गई है जिससे रबी कालीन फसलों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि यदि अगले कुछ सप्ताहों तक मौसम की हालत अनुकूल बनी रही तो गेहूं का उत्पादन गत वर्ष से बेहतर हो सकता है।
इसके बिजाई क्षेत्र में पहले ही अच्छी बढ़ोत्तरी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि फरवरी के दूसरे पखवाड़े में मौसम बहुत गर्म हो गया था लेकिन तेज ठंडी हवा के प्रवाह से अब पिछले कुछ दिनों से ठंडापन वापस लौट आया है। पहाड़ी क्षेत्र में वर्षा एवं बर्फबारी होने से मौसम ठंडा हो गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम अपडेट में कहा गया है कि अगले 24 घंटे के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पश्चिमोत्तर भारत में मैदानी इलाकों में जोरदार सतही हवा का प्रवाह जारी रह सकता है जिसकी गति 25 से 35 कि०मी० और ऊंचे में 45 कि०मी० प्रति घंटा रहने की संभावना है।
इसके अलावा जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमपात होने की उम्मीद भी है। इन इलाकों से मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवा का प्रवाह जारी रहेगा जिससे मौसम में गर्मी का अंश घट सकता है।
पिछले दिनों गोवा में आयोजित एक कॉनक्लेव में 2024-25 सीजन के दौरान देश में लगभग 1100 लाख टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान लगाया गया जो काफी हद तक व्यावहारिक प्रतीत होता है। इस बार गेहूं की ऐसी किस्मों की खेती अधिक क्षेत्रफल में हुई है जिसमें धूप और गर्मी को सहने की क्षमता ज्यादा है।
वर्तमान समय का तापमान इतना ज्यादा ऊंचा नहीं है कि गेहूं की फसल को ज्यादा प्रभावित कर सके। कम से कम 20-25 मार्च तक मौसम अनुकूल रहा और बीच में हल्की बौछार पड़ जाए तो गेहूं का शानदार घरेलू उत्पादन संभव हो सकता है।
लेकिन बेहतर उत्पादन की उम्म्मीद तथा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत साप्ताहिक बिक्री की मात्रा में बढ़ोत्तरी होने के बावजूद गेहूं का थोक मंडी भाव अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है।
चालू माह से ही कुछ क्षेत्रों में गेहूं की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी आरंभ होने की संभावना है जबकि अगले महीने से नए गेहूं की जोरदार आवक शुरू हो जाएगी।
