मोटे अनाज एवं गन्ना का रकबा बढ़ा मगर कपास की बिजाई घटी
11-Sep-2024 01:59 PM
नई दिल्ली । पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान देश में धान, दलहन एवं तिलहन फसलों के साथ-साथ मोटे अनाजों तथा गन्ना के उत्पादन क्षेत्र में तो बढ़ोत्तरी हुई है मगर कपास का क्षेत्रफल काफी घट गया है।
दलहनों में उड़द एवं मोठ तथा तिलहनों में तिल एवं अरंडी का बिजाई गत वर्ष से पीछे है। मोटे अनाजों में बाजरा का रकबा कुछ घटा है मगर असली गिरावट कपास के क्षेत्रफल में आई है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मक्का तथा श्री अन्न सहित मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 181.74 लाख हेक्टेयर से करीब 7 लाख हेक्टेयर बढ़कर 188.72 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
उम्मीद के अनुरूप इस बार मक्का की बिजाई में भारी बढ़ोत्तरी हुई है और इसका रकबा 92.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 87.27 लाख हेक्टेयर हो गया है।
इसी तरह ज्वार का क्षेत्रफल भी 14.08 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 15.18 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है। इसके अलावा सभी का रकबा 23.6 प्रतिशत उछलकर 10.78 लाख हेक्टेयर तथा स्माल मिलेट्स का बिजाई क्षेत्र 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.68 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर बाजरा का उत्पादन क्षेत्र 70.84 लाख हेक्टेयर से गिरकर 69.81 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
गन्ना की बिजाई पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 57.11 लाख हेक्टेयर से 57 हजार हेक्टेयर बढ़कर इस बार 57.68 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है
लेकिन कपास का क्षेत्रफल 123.39 लाख हेक्टेयर से घटकर 112.13 लाख हेक्टेयर रह गया। खरीफ फसलों की बिजाई बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है।
