मोटे अनाजों का बिजाई क्षेत्र बढ़ा- फसल की हालत सामान्य
14-Aug-2025 08:31 PM
नई दिल्ली। यद्यपि गत वर्ष की तुलना में इस बार ज्वार और बाजरा का बिजाई क्षेत्र पीछे हो गया है मगर मक्का एवं रागी का रकबा बढ़ने से मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 171 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 179 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंच गया है।
रागी के रकबे में तो 26 हजार हेक्टेयर की समान्य वृद्धि हुई है मगर मक्का का क्षेत्रफल 8.75 लाख हेक्टेयर उछल गया है। यह कोई असामान्य घटना नहीं है क्योंकि इस बार मक्का के उत्पादन क्षेत्र में भारी बढ़ोत्तरी का अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर ज्वार का क्षेत्रफल 13.96 लाख हेक्टेयर से गिरकर 13.69 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 65.76 लाख हेक्टेयर से घटकर 64.86 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
दूसरी ओर रागी का रकबा 4.15 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.41 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का उत्पादन क्षेत्र 83.15 लाख हेक्टेयर से उछलकर 91.89 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। स्माल मिलेट्स की बिजाई 3.88 लाख हेक्टेयर में हुई जबकि गत वर्ष 3.93 लाख हेक्टेयर में हुई थी।
दरअसल मक्का की तेजी से बढ़ती मांग एवं खपत को देखते हुए इसका बिजाई क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी। किसानों को मक्का की खेती से अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है
जबकि सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी गत वर्ष के 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2400 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर दिया है जिससे किसानों का उत्साह और भी बढ़ गया है।
देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में मक्का के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और फसल की हालत संतोषजनक बनी हुई है।
इसके फलस्वरूप इस बार मक्का का उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं। इसकी नई फसल की कटाई-तैयारी अक्टूबर नवम्बर में आरम्भ होने की संभावना है।
