माटो ग्रोसो में भारी वर्षा एवं बाढ़ से फसलों को नुकसान की आशंका

31-Jan-2025 01:36 PM

सोरिसो । लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील के सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य - माटो ग्रोसो में भारी वर्षा होने तथा भयंकर बाढ़ आने से न केवल सोयाबीन एवं मक्का सहित अन्य फसलों को गंभीर नुकसान होने की आशंका है बल्कि राज्य के 29 शहरों में आपात काल की घोषणा होने से जन जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।

किसानों को सोयाबीन की पकी हुई फसल को काटने के लिए खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कई इलाकों में तो पिछले कुछ दिनों के अंदर 16 इंच तक की जोरदार वर्षा हो चुकी है जिससे खेतों में पानी भर गया है।

राज्य के पूर्वी एवं मध्यवर्ती भाग में वर्षा बाढ़ का प्रकोप सबसे ज्यादा गंभीर है। ध्यान देने वाली बात है कि माटो ग्रोसो ब्राजील में सोयाबीन का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है मगर वहां फसल की कटाई में बाधा उत्पन्न हो गई है। 

सोयाबीन तथा मक्का उत्पादक संघ के अनुसार दोनों जिंसों की फसल कई क्षेत्रों में पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है लेकिन लगातार बारिश होने एवं मौसम नम रहने से उसकी कटाई संभव नहीं हो रही है।

पिछले सप्ताह के अंत तक राज्य में केवल 4 प्रतिशत क्षेत्रफल में सोयाबीन फसल की कटाई हुई जबकि गत वर्ष की समान अवधि में 21 प्रतिशत फसल कट चुकी थी।

भारी वर्षा एवं बाढ़ के कारण यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़कों एवं पुलों पर से पानी बह रहा है, रास्ते  पर कीचड़ जमा हो गया है और फिसलन की आशंका बढ़ गई है।

किसानों को स्थनीय ग्रेन एलीवेटर्स अथवा सहकारी संघों के परिसरों तक अपना सोयाबीन पहुंचाने में भी कठिनाई हो रही है क्योंकि, रास्ते में ट्रकों की लम्बी कतार लगी हुई है।

इतना ही नहीं बल्कि सोयाबीन में नमी का अंश बहुत बढ़ गया है और एलीवेटर्स पर उसे सुखाने की पर्याप्त क्षमता मौजूद नहीं है। 

सोयाबीन के खेतों पर भंडारण सुविधा का अभाव है इसलिए किसान काफी मुसीबत में फंस गए हैं। समूचे ब्राजील में केवल 15 प्रतिशत किसानों के पास ही खेतों पर भंडारण की सुविधा है।