मटर बाज़ार: वर्ष 2025 में सीमित दायरे में रहा कारोबार
31-Dec-2025 02:20 PM
मटर बाज़ार: वर्ष 2025 में सीमित दायरे में रहा कारोबार
★ वर्ष 2025 के दौरान घरेलू पीली मटर बाज़ारों में कीमतें अधिकांश समय सीमित दायरे में बनी रहीं और किसी बड़ी अस्थिरता के संकेत नहीं मिले। वर्ष की शुरुआत जनवरी में भाव सामान्य रहे, जबकि फरवरी–मार्च के दौरान हल्का सुधार देखने को मिला। अप्रैल–मई में आवक और मांग के संतुलन के चलते कीमतें स्थिर रहीं।
★ जून–जुलाई में कुछ प्रमुख केंद्रों पर मांग में सुधार से भावों को समर्थन मिला, हालांकि अगस्त–सितंबर में नई आवक और सतर्क खरीदारी के कारण बाज़ार में नरमी देखी गई। अक्टूबर से दिसंबर के बीच कीमतें दोबारा स्थिर से हल्के मजबूत रुझान के साथ बंद हुईं।
★ आंकड़ों के अनुसार, ललितपुर में मटर का उच्चतम भाव ₹3,500 और न्यूनतम ₹2,950 रहा, जबकि औसत ₹3,252 दर्ज किया गया। राठ बाज़ार में भाव ₹3,100–3,700 के दायरे में रहे और औसत ₹3,373 रहा। कानपुर बिल्टी में उच्च ₹4,150 और निम्न ₹3,425 के साथ औसत ₹3,720 दर्ज किया गया।
★ मुंबई कनाडा मटर के भाव ₹3,350 से ₹4,025 के बीच रहे और औसत ₹3,604 रहा, जबकि मुंबई रूसिया में भाव ₹3,150–3,900 के दायरे में रहे और औसत ₹3,463 दर्ज किया गया। बंदरगाह आधारित बाज़ारों में मुंद्रा कनाडा का उच्च ₹3,900 और निम्न ₹3,150 रहा, औसत ₹3,452 रहा। वहीं मुंद्रा रूसिया में भाव ₹2,975–3,800 के बीच रहे और औसत ₹3,354 दर्ज किया गया।
★ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयात कीमतें भी सीमित दायरे में रहीं। मुंद्रा कनाडा के सीएनएफ भाव $295–315 प्रति टन के बीच रहे और औसत $306 दर्ज किया गया। वहीं कोलकाता कनाडा के सीएनएफ भाव $310 से $320 प्रति टन के दायरे में रहे और औसत $316 रहा।
★ वर्ष 2025 में सामान्य मांग और नियंत्रित आयात के चलते मटर की कीमतें अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बनी रहीं। घटते भावों के कारण सरकार द्वारा मटर पर 30% आयात शुल्क लगाया गया, जिससे कीमतों को मामूली समर्थन मिला।
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2026 परिदृश्य
★ वर्ष 2025 में बड़ी मात्रा में हुए आयात से सभी दलहन बाज़ारों का समीकरण बदल गया। मटर की बढ़ी हुई आयात मात्रा से दलहन उद्योग को कड़ा झटका लगा, जिसे देखते हुए आयात शुल्क लगाया गया।
★ पिछले वर्ष की तुलना में आयात में कमी आई है, हालांकि विदेशों में उपलब्धता बढ़ी हुई बनी हुई है। चीन द्वारा कनाडा मटर पर आयात शुल्क लगाए जाने के बाद यह आपूर्ति बड़े पैमाने पर भारत के लिए उपलब्ध हो गई है।
★ आगे चलकर धीरे-धीरे आयात बढ़ने की संभावना है। भविष्य में तेज उतार-चढ़ाव के बाद मटर बाज़ार के सीमित दायरे में कारोबार करने की उम्मीद जताई जा रही है।
महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।
