मेथी की कीमतों में सुधार
10-Jul-2025 07:08 PM
मंदे की संभावना नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान मेथी के दामों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। और अभी भी बाजार में धारणा मजबूती की बनी हुई है क्योंकि लोकल मांग बढ़ने के अलावा निर्यातकों की मांग में भी वृद्धि होने के समाचार मिल रहे। जानकारों का कहना है कि मेथी की वर्तमान कीमतों में अभी हाल-फिलहाल मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में अभी भाव 400/500 रुपए प्रति क्विंटल ओर बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर एवरेज क्वालिटी मेथी का भाव 4800/5200 रुपए प्रति क्विंटल बोला जा रहा है।
चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई कम रहने के बावजूद मेथी उत्पादन गत वर्ष की तुलना में अधिक रहा। क्योंकि बिजाई के पश्चात मौसम फसल के अनुकूल रहा जिस कारण से प्रति हेक्टेयर से पैदावार में वृद्धि दर्ज की गई। एक अनुमान के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में मेथी की पैदावार 18/19 लाख क्विंटल होने के अनुमान लगाए गए हैं जबकि गत वर्ष, उत्पादन 17/18 लाख क्विंटल का रहा था। मेथी का मुख्यत: उत्पादन गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में होता है।
कुल उपलब्धता कम
हालांकि चालू सीजन के दौरान देश में मेथी की पैदावार बढ़ी है लेकिन बकाया स्टॉक कम रहने से कुल उपलब्धता कम रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष नए फसल की आवक के समय मेथी का स्टॉक 4 लाख क्विंटल से अधिक था जोकि इस वर्ष 1.50/1.75 लाख क्विंटल का माना गया था।
आवक बढ़ी
हाल ही में मेथी की कीमतों में 100/200 की वृद्धि होने के साथ ही मंडियों में मेथी की दैनिक आवक बढ़नी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडी नीमच में आवक बढ़कर 250/280 बोरी की हो गई है जोकि जून माह के अंत में 1200/1500 बोरी की चल रही थी मंदसौर मंडी में भी आवक 900/1000 बोरी की हो रही जोकि पूर्व में 400/500 बोरी की हो रही थी गुजरात की राजकोट मंडी में भी आवक 700/750 बोरी होने लगी है जोकि गत सप्ताह 400/500 बोरी की हो रही थी।
मन्दा नहीं
जानकार सूत्रों का कहना है कि मेथी की कीमतों में हाल फिलहाल मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में भाव धीरे-धीरे बढ़ेंगे। उल्लेखनीय है कि गत दिनों निर्यातक एवं लोकल व्यापार कम होने के कारण भावों में मन्दा बना हुआ था और भाव अपने न्यूनतम स्तर पर आ गए थे। वर्तमान में निर्यातकों की पूछ-ताछ बढ़ने के अलावा लोकल मांग में भी सुधार दर्ज किया जा रहा है। बरसात का मौसम होने के कारण अभी लोकल मांग अच्छी रहने के अनुमान है। जिस कारण कीमतों में 400/500 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी जुलाई अगस्त माह में संभव है।
आई ग्रेन इंडिया ने अपने 27 जून के अंक में लिखा भी था कि मेथी की कीमतों में अब मन्दा नहीं है भाव धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे।
रिकॉर्ड निर्यात
वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान मेथी का रिकॉर्ड निर्यात किया गया। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इससे पूर्व वर्ष 2020-21 में मेथी का रिकॉर्ड निर्यात 40340 टन का किया गया था। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान मेथी का निर्यात 44515.97 टन का किया गया है। यह निर्यात गत वर्ष की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक है। वर्षा 2023-24 के दौरान निर्यात 30854 टन का रहा था। निर्यात अधिक होने के कारण निर्यात आय में भी 37 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान मेथी निर्यात से 36589 लाख रुपए की आय हुई। जबकि वर्ष 2023-24 में निर्यात से प्राप्त आय 26612.76 लाख रुपए की रही थी।
