नेफेड द्वारा सोयाबीन की बिक्री – उठाव कमज़ोर, मंडियों में संकट

06-Mar-2025 12:22 PM

नेफेड द्वारा सोयाबीन की बिक्री – उठाव कमज़ोर, मंडियों में संकट
★ नेफेड ने खरीफ 2023 सीजन में खरीदी गई सोयाबीन की बिक्री शुरू कर दी है, लेकिन कमज़ोर उठाव के कारण कई राज्यों में टेंडर रद्द कर दिए गए। 
★ केवल कर्नाटक में टेंडर स्वीकृत हुए, जहाँ 3 मार्च को हुई नीलामी में ₹4,151-₹4,161 प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन बेची गई।
★ अन्य राज्यों में कम दरों की बोलियों के कारण टेंडर रद्द कर दिए गए।
★ नेफेड द्वारा 2024 सीजन में कुल 14.72 लाख टन सोयाबीन की खरीद की गई जो राज्यवार इस प्रकार है।
★ कर्नाटक: 18,199.85 टन, तेलंगाना: 81,122.03 टन, मध्य प्रदेश: 3,88,796.2 टन, महाराष्ट्र: 8,36,741.29 टन, राजस्थान: 98,866.54 टन और गुजरात: 48,054.81 टन।
★ मंडियों में संकट - किसान परेशान, मंडियों में सोयाबीन की कीमतें MSP से बहुत कम।
★ सरकारी बिक्री भी जारी, जिससे बाज़ार में अतिरिक्त दबाव बढ़ा।
★ खल और तेल की मांग कम होने से कई प्लांटों ने सोयाबीन खरीद बंद कर दी।
★ छोटे व्यापारी नुकसान के कारण कारोबार बंद करने को मजबूर।
★ किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे, मंडियों में अनिश्चितता का माहौल।
★ अगर भारत को खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है, तो आयात नियमों में बड़े बदलाव जरूरी हैं जिसे कि क्रूड और रिफाइंड तेल के बीच आयात शुल्क का अंतर बढ़ाना आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाना, आयात शुल्क इस तरह तय हो कि पड़तल MSP के करीब हो इत्यादि।
★ मौजूदा हालात से आगामी खरीफ 2024 सोयाबीन बिजाई पर असर पड़ सकता है।
★ यदि सरकार समय रहते हस्तक्षेप नहीं करती, तो किसानों के लिए संकट और गहरा सकता है।