नई फसल की आवक शुरू होने तक धनिया में ज्यादा नरमी आने की संभावना नहीं

29-Jan-2025 08:28 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन की एक महत्वपूर्ण मसाला फसल- धनिया की बिजाई पूरी होने के बाद अब सबका ध्यान इसकी प्रगति पर केन्द्रित हो गया है। हालांकि 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान गुजरात में धनिया का बिजाई क्षेत्र कुछ बढ़ गया मगर राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में इसके कुछ घटने की सूचना मिल रही है।

मौसम की हालत लगभग संतोषजनक बनी हुई है इसलिए कुल उत्पादन में ज्यादा घट-बढ़ होने की बहुत कम संभावना है। वर्ष 2024 के अधिकांश समय तक धनिया का बाजार भाव एक निश्चित दायरे में घूमता रहा इसलिए किसानों को इसका क्षेत्रफल बढ़ाने का प्रोत्साहन नहीं मिल सका। 

राजस्थान की मंडियों में धनिए की सीमित आवक हो रही है। रामगंज मंडी में औसतन 3000-3500 बोरी तथा बारां मंडी में 400-500 बोरी धनिया की दैनिक आवक की जानकारी मिल रही है।

घरेलू एवं निर्यात मांग सामान्य होने से कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव नहीं देखा जा रहा है। गुजरात में धनिया का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 1.27 लाख हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 1.31 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंच गया है। 

धनिया का निर्यात प्रदर्शन पहली छमाही में कमजोर रहा और इसकी मात्रा 76,848 टन से घटकर 34,365 टन तथा निर्यात आय 643.14 करोड़ रुपए से गिरकर 359.69 करोड़ रुपए पर अटक गई। दूसरी छमाही में भी निर्यात प्रदर्शन शानदार रहने में संदेह है। 

अगले महीने से धनिया की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी आरंभ होने की उम्मीद है जबकि मार्च-अप्रैल में इसकी जोरदार आवक हो सकती है।

स्टॉकिस्टों में बहुत ज्यादा उत्साह तो नहीं है लेकिन फिर भी वे नए माल की खरीद में सक्रियता दिखा सकते हैं। उत्पादक मंडियों में आवक शुरू होने पर ही स्थिति का पता चल सकेगा।