निकट भविष्य में सूरजमुखी तेल का भाव तेज होने की संभावना
13-Aug-2025 01:12 PM
मुम्बई। प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों में सीमित आपूर्ति के कारण सूरजमुखी तेल का भाव ऊंचे स्तर पर कायम है जिससे भारत जैसे महत्वपूर्ण आयातक देश में इसकी कीमतें बढ़ने की संभावना है।
सूरजमुखी तेल के वैश्विक बाजार में फिलहाल सीमित आपूर्ति के बीच मांग मजबूत बनी हुई है इसलिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव तेज हो रहा है।
काला-सागर क्षेत्र के देशों में सूरजमुखी की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है और रूस, यूक्रेन तथा रोमानिया में इसकी क्रशिंग-प्रोसेसिंग भी बढ़ने लगी है। यूक्रेन में शुष्क मौसम के कारण इस वर्ष सूरजमुखी का उत्पादन घटकर 135-136 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान है।
भारत में अक्टूबर डिलीवरी के लिए सूरजमुखी तेल का सीआईएफ आधार पर ऑफर मूल्य 1238 डॉलर प्रति टन तथा सितम्बर शिपमेंट के लिए यूक्रेनी मूल के सूरजमुखी तेल का सीआईएफ आधार पर ऑफर मूल्य 1250 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है।
रूस तथा यूक्रेन के सूरजमुखी तेल की खरीद-बिक्री में फ़िलहाल अच्छी सक्रियता दिखाई जा रही है जिससे भारतीय बाजार में आयातित तेल का भाव स्थिर या मजबूत बना हुआ है।
यदि आपूर्तिकर्ता देशों में भाव तेज हुआ तो भारत में भी स्वाभाविक रूप से इसका दाम बढ़ जाएगा। भारत में त्यौहारी सीजन की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
काला सागर में जलमार्ग से तुर्की को अगस्त डिलीवरी के लिए रूसी सूरजमुखी तेल का सीआईएफ आधार पर मेरसिन / इस्केंडरून पर ऑफर मूल्य 1230 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है और इस मूल्य स्तर पर 8-10 हजार टन तेल का कारोबार होने की सूचना मिल रही है।
इससे पूर्व जो अनुबंध हुआ था उसमें सूरजमुखी तेल का सीआईएफ आधार पर इजमिर से 1210 डॉलर प्रति टन तथा मेरसिन से 1220 डॉलर प्रति टन का मूल्य आंका गया था।
भारत में पहले सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात यूक्रेन से होता था मगर अब रूस उससे काफी आगे निकल कर सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश बन गया है। भारत में रूस तथा यूक्रेन के साथ-साथ अर्जेन्टीना एवं रोमानिया जैसे देशों से भी अच्छी मात्रा में सूरजमुखी तेल का आयात होता है।
