नारियल तेल की महंगाई पर SEA ने सौंपा ज्ञापन: आयात खोले बिना राहत संभव नहीं

11-Jul-2025 03:10 PM

नारियल तेल की महंगाई पर SEA ने सौंपा ज्ञापन: आयात खोले बिना राहत संभव नहीं
★ देश में नारियल तेल की कीमतों में लगातार तेजी से उपभोक्ता और किसान दोनों संकट में हैं। पिछले एक साल में नारियल तेल के दाम तीन गुना तक बढ़ चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने केंद्र सरकार से तत्काल नीति हस्तक्षेप की मांग की है।
★ SEA ने उपभोक्ता मामले, कृषि और वाणिज्य मंत्रालयों को ज्ञापन सौंपते हुए अनुरोध किया है कि 6 से 12 महीने की अंतरिम अवधि के लिए नारियल और कोपरा तेल के आयात की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि यह कदम केवल आपूर्ति संकट को संतुलित करने के लिए है और इसका किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
★ ज्ञापन के अनुसार, मार्च से मई 2024 के बीच भीषण गर्मी और कीट हमलों ने नारियल उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे 40% तक उपज में गिरावट आई है। इसके कारण उपभोक्ता महंगे नारियल तेल से दूर होकर अन्य सस्ते तेलों की ओर जा रहे हैं, जो दीर्घकाल में नारियल की मांग और किसानों की आय दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
★ SEA ने यह भी चेताया है कि यदि उपभोक्ता एक बार नारियल तेल से दूर हो गए, तो दोबारा विश्वास और मांग लौटाना कठिन हो सकता है—जैसा कि पूर्व में मूंगफली तेल के साथ हुआ था।
★ अतः SEA ने सरकार से अपील की है कि TRQ जैसे नियंत्रणों के साथ सीमित और नियंत्रित आयात को अनुमति दी जाए, ताकि मूल्य संतुलन स्थापित हो सके और उपभोक्ता नारियल तेल से जुड़े रहें।