नियत समय से 6 दिन पहले ही मानसून पहुंचा समूचे देश में
03-Jul-2024 01:04 PM
नई दिल्ली । आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जुलाई तक समूचे देश में पहुंचता है मगर इस वर्ष यह 6 दिन पूर्व यानी 2 जुलाई से ही सम्पूर्ण भारत को कवर करने में सफल हो गया। इससे खरीफ फसलों की बिजाई की रफ्तार बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
लेकिन जून में मानसून का प्रदर्शन कमजोर रहा क्योंकि कई दिनों तक यह निष्क्रिय सा हो गया था। जुलाई में इसकी गतिशीलता बढ़ने के आसार हैं। इससे किसानों एवं कृषि क्षेत्र को राहत मिलेगी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि दक्षिण पश्चिम मानसून 2 जुलाई को और आगे बढ़कर राजस्थान के शेष भागों, हरियाणा और पंजाब में पहुंच गया।
इस तरह उसने 8 जुलाई के बजाए 2 जुलाई को ही समूचे देश को कवर कर लिया। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष 30 मई को केरल तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहुंचा था जो 1 जून की नियत तिथि से दो दिन पूर्व था।
यह सामान्य ढंग से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र तक पहुंच गया लेकिन उसके बाद इसमें ठहराव आ गया और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में किसानों को वर्षा के लिए इंतजार करना पड़ा। उधर देश के पश्चिमोत्तर राज्यों में अत्यन्त ऊंचे तापमान के साथ भीषण गर्मी का प्रकोप बना रहा। अब मानसून सामान्य ढंग से आगे बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक 11 से 27 जून के बीच 16 दिनों तक मानसून सुस्त और कमजोर रहा जिससे पूरे माह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर केवल 147.2 मि०मी० बारिश हो सकी जो सामान्य औसत स्तर 165.3 मि०मी० 11 प्रतिशत कम रही।
दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के चार महीनों की अवधि में देश के अंदर कुल 87 से०मी० बारिश का औसत स्तर रहता है जिसमें जून माह की वर्षा की भागीदारी 15 प्रतिशत के करीब रहती है।
जुलाई माह में सर्वाधिक वर्षा होते है जबकि अगस्त दूसरे स्थान पर रहता है। उम्मीद की जा रही है कि इन दोनों महीनों में देश के लगभग सभी भागों में काफी अच्छी बारिश हो सकती है।
