News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कनाडा में मसूर का रकबा 11% घटा, 2026-27 में उत्पादन कम होने से कीमतों को मिल सकता है समर्थन
21-Jul-2026 10:35 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कनाडा में मसूर का रकबा 11% घटा, 2026-27 में उत्पादन कम होने से कीमतों को मिल सकता है समर्थन
★ कनाडा के नवीनतम कृषि अनुमान के अनुसार वर्ष 2026-27 में मसूर (लेंटिल) का रकबा 11% घटकर 15.8 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है। पिछले सीजन में कमजोर रिटर्न मिलने के कारण किसानों ने मसूर की बुवाई कम की है। उत्पादन घटने की संभावना है, लेकिन रिकॉर्ड शुरुआती स्टॉक के कारण कुल उपलब्धता अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। वहीं, भारतीय उपमहाद्वीप से मजबूत आयात मांग के चलते अगले सीजन में कीमतों में सुधार की संभावना जताई गई है।
★ वर्ष 2025-26 में कनाडा का मसूर निर्यात बढ़कर 23 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। इसमें लगभग 15 लाख टन लाल मसूर और 8 लाख टन हरी मसूर शामिल होगी। भारत, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की कनाडा के प्रमुख निर्यात बाजार बने रहेंगे।
★ घरेलू खपत घटकर 2.5 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सीजन के अंत का स्टॉक रिकॉर्ड 14.2 लाख टन तक पहुंच सकता है। अधिक स्टॉक बनने के कारण सभी ग्रेड और किस्मों की मसूर का औसत भाव घटकर लगभग 510 डॉलर प्रति टन रहने का अनुमान है।
★ बड़ी हरी मसूर का भाव लाल मसूर की तुलना में लगभग 45 डॉलर प्रति टन प्रीमियम पर रहने की संभावना है। जून महीने के दौरान सस्केचेवान में बड़ी हरी मसूर और लाल मसूर, दोनों के फार्मगेट भाव 30 डॉलर प्रति टन तक कमजोर हुए।
★ वर्ष 2026-27 में कनाडा का मसूर उत्पादन घटकर 26.5 लाख टन रहने का अनुमान है। हालांकि रिकॉर्ड शुरुआती स्टॉक के कारण कुल उपलब्धता पिछले वर्ष से थोड़ी अधिक रहने की संभावना है। निर्यात 23 लाख टन पर स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि सीजन के अंत का स्टॉक बढ़कर 15.4 लाख टन तक पहुंच सकता है।
★ रिपोर्ट के अनुसार, 2026-27 में बड़ी हरी और लाल मसूर की कीमतों में सुधार होने की संभावना है। इसका प्रमुख कारण भारतीय उपमहाद्वीप से आयात मांग का 2025-26 के बराबर या उससे अधिक बने रहने की उम्मीद है।
★ उधर, अमेरिका में भी 2026-27 के लिए मसूर का रकबा 30% घटकर 7.5 लाख एकड़ (3 लाख हेक्टेयर) रहने का अनुमान है। सामान्य उपज मानते हुए उत्पादन 3.5 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले वर्ष से 27% कम होगा। अमेरिका के प्रमुख निर्यात बाजार कनाडा, यूरोपीय संघ, भारत और मेक्सिको बने रहने की उम्मीद है।
