मक्का एवं बाजरा की खेती में किसानों की दिलचस्पी घटने के संकेत

21-Jul-2026 04:13 PM

नई दिल्ली। वैसे तो सभी मोटे अनाजों की बिजाई इस बार गत वर्ष से पीछे चल रही है जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का एवं स्मॉल मिलेट्स शामिल है लेकिन इसमें भी बाजरा और मक्का के रकबे में ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य में महज 10 रुपए का इजाफा किए जाने तथा बाजार भाव नीचे रहने से इसकी खेती में किसानों की दिलचस्पी घट गई है। बाजरा की खेती भी किसानों के लिए ज्यादा आकर्षक साबित नहीं होगी जिससे इसकी खेती में खासकर राजस्थान के किसानों द्वारा कम रूचि दिखाई जा रही है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 17 जुलाई तक मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 134.09 लाख हेक्टेयर से 15.06 लाख हेक्टेयर घटकर 119.08 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 9.99 लाख हेक्टेयर से गिरकर 8.74 लाख हेक्टेयर,

बाजरा का बिजाई क्षेत्र 49.05 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 39.98 लाख हेक्टेयर रागी का रकबा 1.46 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 1.06 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 71.50 लाख हेक्टेयर से घटकर 67.89 लाख हेक्टेयर रह गया। स्मॉल मिलेट्स की बिजाई भी 2.09 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.37 लाख हेक्टेयर पर अटक गई। 

राजस्थान बाजरा का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है और वहीं इसके क्षेत्रफल में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। राजस्थान में 15 जुलाई तक बाजरा का बिजाई क्षेत्र 28.16 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो गत वर्ष की इसी अवधि के क्षेत्रफल 38.57 लाख हेक्टेयर से 10.41 लाख हेक्टेयर कम रहा।