News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कपास उत्पादन में तेज गिरावट, ग्रामीण रोजगार पर बढ़ा दबाव: ICRA

05-Jan-2026 09:03 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कपास उत्पादन में तेज गिरावट, ग्रामीण रोजगार पर बढ़ा दबाव: ICRA
★ कपास वर्ष 2026 (अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026) में भारत का कपास उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटकर 292 लाख गांठ रहने का अनुमान है। यह पिछले एक दशक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।
★ उत्पादन में गिरावट का मुख्य कारण कपास की बुआई के रकबे में कमी, पानी की उपलब्धता में दिक्कत, असमान मानसून और किसानों का अधिक लाभकारी फसलों की ओर रुझान है। हालांकि प्रति हेक्टेयर उपज में सालाना आधार पर 1.8 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई है, लेकिन यह घटते रकबे की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं है। 2021 के उच्चतम स्तर की तुलना में कपास का रकबा लगभग 20 प्रतिशत घट चुका है।
★ 2026 में घरेलू कपास खपत लगभग स्थिर रहने की संभावना है। अमेरिका द्वारा भारतीय परिधान निर्यात पर लगाए गए शुल्क से कपड़ा उद्योग की मांग प्रभावित हो सकती है, जिससे कपास की मांग पर भी असर पड़ सकता है।
★ घरेलू आपूर्ति में कमी के चलते भारत का कपास आयात बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में आयात 85 प्रतिशत बढ़कर 15 लाख गांठ हो गया। इस दौरान अमेरिका सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा, जिसकी हिस्सेदारी 22 प्रतिशत रही। आयात शुल्क में अस्थायी छूट से आपूर्ति तो बनी रही, लेकिन घरेलू कीमतों पर दबाव भी देखा गया।
★ कपास की कीमतों में नरमी का असर कपडा उद्योग पर भी पड़ा।
★ नवंबर 2025 में कपास फाइबर की कीमतों में 3 प्रतिशत और सूत की औसत कीमतों में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पिनिंग मिलों का मुनाफा घटा है। ICRA का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में उद्योग का मार्जिन सीमित दायरे में बना रह सकता है।