News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उड़द – कीमतों में मजबूती का रुझान
03-Jan-2026 03:38 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उड़द – कीमतों में मजबूती का रुझान
MSP खरीफ 2025: ₹7,800 प्रति क्विंटल
★ घरेलू और आयातित उड़द बाजारों में दिसंबर के अंत से जनवरी की शुरुआत तक कीमतों में स्थिर से मजबूत रुझान देखने को मिला। अधिकांश प्रमुख किस्मों में दैनिक और मासिक आधार पर बढ़त दर्ज की गई है, जबकि कुछ बाजारों में कीमतें पूर्व स्तरों के आसपास बनी हुई हैं।
~~~~~~~~~~
घरेलू बाजार की स्थिति
★ लातूर: पिछले सप्ताह से कीमत ₹6,400 से बढ़कर ₹6,500 हो गई, यानी ₹100 की बढ़त। नवंबर की तुलना में कुल बढ़त ₹300 रही, जबकि सितंबर के मुकाबले कीमतें स्थिर रहीं।
★ अकोला: ₹150 की साप्ताहिक मजबूती के साथ भाव ₹7,400 पर पहुंचा। दिसंबर बनाम नवंबर में ₹150 की बढ़त, जबकि सितंबर से भाव लगभग अपरिवर्तित रहे।
★ मुंबई FAQ: ₹100 की बढ़त के साथ भाव ₹7,250। नवंबर की तुलना में ₹300 और सितंबर की तुलना में ₹250 की मजबूती।
★ चेन्नई FAQ: कीमत ₹7,250, दैनिक बढ़त ₹100। दिसंबर बनाम नवंबर में ₹375 और सितंबर के मुकाबले भी ₹375 की बढ़त।
★ चेन्नई SQ: भाव ₹7,950, ₹100 की दैनिक मजबूती। नवंबर के मुकाबले ₹450 और सितंबर के मुकाबले ₹225 की बढ़त।
★ ललितपुर: सबसे अधिक दैनिक बढ़त ₹200 दर्ज की गई, भाव ₹7,100। दिसंबर बनाम नवंबर और सितंबर—दोनों में ₹500 की मजबूती।
~~~~~~~~
मासिक रुझान
★ दिसंबर 2025 का औसत नवंबर 2025 की तुलना में ₹100–200 प्रति क्विंटल अधिक रहा। अधिकांश बाजारों में सितंबर–अक्टूबर के स्तरों की तुलना में दिसंबर में भाव मजबूत दिखाई दिए।
~~~~~~~
आयातित उड़द (बर्मा)
★ बर्मा FAQ (C&F): भाव $775 से बढ़कर $790 प्रति टन हो गए।
★ बर्मा SQ (C&F): कीमतें $855 से बढ़कर $865 प्रति टन पहुंचीं।
★ दोनों सेगमेंट में दिसंबर बनाम नवंबर और सितंबर में लगभग $10–15 प्रति टन की बढ़त दर्ज की गई।
~~~~~~~
तेजी का कारण और भविष्य
★ उड़द की कीमतें MSP ₹7,800 प्रति क्विंटल के आसपास और उससे नीचे बनी हुई हैं, जिससे सरकारी खरीद शुरू होने पर बाजार को समर्थन मिल रहा है।
★ आयातित कीमतों में मजबूती आने से, आयात बढ़ने के बावजूद घरेलू बाजार में आयात पड़तल ऊंची बनी हुई है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है।
★ उत्पादन कम रहने से मंडियों में आवक का दबाव नहीं बन पाया।
★ म्यांमार में उड़द की जगह मूंग को प्राथमिकता दी जा रही है; मूंग का उत्पादन, जो हर साल बढ़ रहा था, इस वर्ष पिछले वर्ष के लगभग बराबर रहने की उम्मीद है।
★ कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अच्छा घरेलू उत्पादन होना जरूरी है।
★ घटे उत्पादन को देखते हुए आयात मांग बढ़ने से निर्यातक भाव बढ़ा रहे हैं।
★ आगे के समय में बाजार तेज बने रहने की उम्मीद है।
