ओएमएसएस के तहत फिलहाल गेहूं की बिक्री शुरू करने की जरूरत नहीं- खाद्य सचिव

24-Jul-2025 03:26 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा है कि देश में गेहूं का पर्याप्त भंडार मौजूद है और बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है इसलिए फिलहाल खुले बाजार  बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत सरकारी स्टॉक से इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की बिक्री शुरू करने की कोई आवश्यकता नहीं है। खाद्य सचिव के अनुसार गेहूं का दाम भी स्थिर बना हुआ है। 

इंडियन वैजीटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईवीपीए) द्वारा आयोजित ग्लोबल राउंड टेबल कांफ्रेंस (गोलमेज सम्मेलन) में बोलते हुए संजीव चोपड़ा ने खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई थी और सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के पास और साथ ही साथ मार्केट में भी गेहूं का समुचित स्टॉक उपलब्ध है।

इस बार गेहूं की सरकारी खरीद भी अच्छी हुई है। व्यापार में आपूर्ति का कोई संकट नहीं है और न ही कीमतों में उछाल का माहौल है। गेहूं की मांग एवं आपूर्ति में संतुलन देखा जा रहा है इसलिए ओएमएसएस में सरकारी गेहूं बेचने की प्रक्रिया आरंभ करने की अभी कोई जरूरत नहीं है। 

उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2023-24 में ओएमएसएस के अंतर्गत करीब 101 लाख टन तथा 2024 -25 में लगभग 30 लाख टन सरकारी गेहूं बेचा गया था। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह योजना अभी आरंभ नहीं हुई है। 

खाद्य सचिव के अनुसार खाद्य तेलों के दाम में और खासकर सरसों तेल के मूल्य में हो रही जोरदार वृद्धि चिंता का विषय है और इससे आम उपभोक्ताओं की कठिनाई बढ़ गई है। 

जहां तक गेहूं का सवाल है तो इसका घरेलू  उत्पादन बढ़कर 1175 लाख टन के सर्वकलीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है जबकि इसकी सरकारी खरीद भी बढ़कर 301 लाख टन पर पहुंच गई है जो पीछे चार वर्षों में सबसे ज्यादा है।