ओएमएसएस के तहत गेहूं का आरक्षित मूल्य निर्धारित

10-Jul-2025 07:42 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत बेचे जाने वाले गेहूं के लिए न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) की औपचारिक घोषणा कर दी है। चालू रबी मार्केटिंग सीजन (2025-26) के लिए गेहूं का रिजर्व मूल्य 2550 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है

जो फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स, केन्द्रीय सहकारी एजेंसियों- नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार और सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) संचालकों के लिए मान्य होगा। इस रिजर्व मूल्य में परिवहन खर्च शामिल नहीं है और खरीदारों को उसका भुगतान अलग से करना पड़ेगा। 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राइवेट मिलर्स को भारत ब्रांड आटा योजना के अंतर्गत गेहूं की आपूर्ति की अनुमति नहीं दी गई है और इसके लिए केवल सहमति एजेंसियों को ही गेहूं प्राप्त करने की स्वीकृति होगी।

इसके अलावा खुले बाजार बिक्री योजना के तहत गेहूं की बिक्री कब से शुरू की जाएगी, इसमें कुल कितनी मात्रा में गेहूं  होगा और प्रत्येक खरीदार के लिए इसकी अधिकतम मात्रा कितनी होगी- इन सबका निर्णय लेने का अधिकार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास होगा जो खाद्य मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श करके इन विवरणों का निर्धारण करेगा।

पहले माना जा रहा था कि खाद्य निगम अगस्त 2025 से ओएमएसएस के तहत अपने स्टॉक से गेहूं बेचने के लिए साप्ताहिक ई-नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कर सकता है लेकिन अभी तक इस सम्बन्ध में न तो कोई निर्णय घोषित हुआ है और न ही सरकार ने कोई संकेत दिया है।

ध्यान देने वाली बात है कि आई ग्रेन इंडिया ने कुछ दिन पूर्व इस आशय की रिपोर्ट दी थी कि ओएमएसएस वाले गेहूं का न्यूनतम आरक्षित या आधार मूल्य 2550 रुपए प्रति क्विंटल नियत हो सकता है जिसमें ट्रांसपोर्ट चार्ज (परिवहन खर्च) शामिल नहीं होगा।

आई ग्रेन इंडिया यह अनुमान सही साबित हुआ। गेहूं की बिक्री से सम्बन्धित अन्य जानकारी भी सरकारी घोषणा के तत्काल बाद साझा की जाएगी। सरकार संभवतः 60-65 लाख टन गेहूं की बिक्री का कोटा आवंटित कर सकती है भले ही इसकी घोषणा दो-तीन चरणों में की जाए।