ओएमएसएस के तहत सरकारी चावल की बिक्री आरंभ
23-Aug-2025 05:18 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने अब एक बार फिर संशोधित आरक्षित मूल्य के साथ खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत नीलामी के माध्यम से चावल की बिक्री आरंभ कर दी है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस योजना के तहत खाद्य निगम द्वारा 6 अगस्त 2025 से अब तक साप्ताहिक नीलामी के माध्यम से 1.28 लाख टन चावल बेचा जा चुका है।
यह मात्रा अप्रैल-जून की तिमाही में हुई बिक्री से अलग है। मालूम हो कि उस समय सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए चावल बिक्री की समयावधि को जून तक बढ़ा दिया था जबकि मूल रूप से यह मार्च - 2025 में ही बंद हो गया था।
अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में इस योजना के तहत करीब 6 लाख टन सरकारी चावल बेचा गया जो पिछले वित्त वर्ष के आरक्षित मूल्य पर ही बिका।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ओएमएसएस में बिक्री के लिए गेहूं तथा चावल के न्यूनतम आरक्षित मूल्य की घोषणा जुलाई में की गई और अगस्त में इसी संशोधित के साथ चावल की बिक्री आरंभ हुई।
केन्द्रीय पूल में चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है और अक्टूबर-नवम्बर से उसमें नया चावल भी प्रवेश करेगा इसलिए उसके भंडारण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार चावल का स्टॉक घटाने का हर संभव प्रयास कर रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई 2025 को केन्द्रीय पूल में करीब 380 लाख टन चावल का विशाल स्टॉक मौजूद था जो गत वर्ष से 16 प्रतिशत अधिक तथा पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा था।
इस बार आरक्षित मूल्य 100 प्रतिशत टूटे चावल का 2320 रुपए प्रति क्विंटल, 25 प्रतिशत टूटे चावल का 2890 रुपए प्रति क्विंटल तथा 10 प्रतिशत टूटे कस्टम मिल्ड चावल का 3090 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
