ओएमएसएस में बिक्री के बावजूद गेहूं के दाम में मजबूती बरकरार
29-Jan-2025 01:42 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के निर्देश पर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा दिसम्बर 2024 में खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत मिलर्स-प्रोसेसर्स को अपने स्टॉक से गेहूं बेचने के लिए साप्तहिक ई-नीलामी का दूसरा संस्करण आरंभ किया गया लेकिन गेहूं के थोक मंडी भाव पर इसका कोई खास असर नहीं देखा जा रहा है।
कुछ सप्ताह पूर्व दिल्ली के मार्केट में गेहूं का भाव एक समय उछलकर 3360 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया था। वर्तमान समय में भी यह 3200-3300 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।
हाल ही में सरकार ने कहा था कि गेहूं की कीमतों पर नजदीकी निगाह रखी जा रही है। हालांकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति के कारण गेहूं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है लेकिन भारतीय बाजार में इसका भाव ऊंचा एवं तेज चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान खाद्य निगम ने ओएमएसएस के अंतर्गत लगभग एक करोड़ (100 लाख) टन गेहूं का स्टॉक अपने भंडार से उतारा था और इसकी लगभग सम्पूर्ण मात्रा की बिक्री हो गई थी जिससे गेहूं की कीमतों में तेजी पर आंशिक रूप से अंकुश लग गया था।
उसके मुकाबले चालू वित्त वर्ष के लिए महज एक-चौथाई मात्रा में गेहूं बेचने का निर्णय लिया गया। नवम्बर 2024 में सरकार ने ओएमएसएस के तहत बिक्री के लिए 25 लाख टन गेहूं का स्टॉक आवंटित किया था जिसे अब 5 लाख टन बढ़ाकर 30 लाख टन कर दिया गया है।
2023-24 सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2275 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया था जबकि थोक मंडी भाव इससे काफी ऊपर रहा।
अब 2024-25 सीजन के लिए एमएसपी को 150 रुपए बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि बाजार भाव इससे भी बहुत ऊपर है। सरकार इसे नीचे लाने का प्रयास कर रही है मगर हाजिर स्टॉक कम होने तथा मांग मजबूत रहने से कीमतों में नरमी का माहौल नहीं बन रहा है।
