ओएमएसएस में बिक्री के लिए मोटे अनाजों का रिजर्व मूल्य निर्धारित
10-Jul-2025 08:08 PM
नई दिल्ली। गेहूं और चावल के साथ-साथ केन्द्र सरकार ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत बेचे जाने वाले मोटे अनाजों के लिए भी न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) घोषित कर दिया है।
हालांकि गेहूं और चावल के मुकाबले केन्द्रीय पूल में मोटे अनाजों का स्टॉक बहुत कम है लेकिन फिर भी ओएमएसएस के माध्यम से इसकी नीलामी / बिक्री की जाएगी।
साप्ताहिक ई-नीलामी में केवल प्राइवेट खरीदारों को भाग लेने की अनुमति होगी और न्यूनतम आरक्षित मूल्य में परिवहन लागत शामिल नहीं होगी। मोटे अनाजों की नीलामी की तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
सरकार ने ओएमएसएस के तहत बिक्री के लिए रागी का आरक्षित मूल्य 4886 रुपए प्रति क्विंटल, ज्वार का 3749 रुपए प्रति क्विंटल, बाजरा का 2775 रुपए प्रति क्विंटल तथा मक्का का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
चूंकि इन मोटे अनाजों का खुला बाजार भाव भी इस आरक्षित मूल्य के आसपास ही चल रहा है इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी स्टॉक के प्रति खरीदार कितनी सक्रियता दिखाते हैं।
सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं एवं चावल की तुलना में मोटे अनाजों की खरीद पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है और इसलिए केन्द्रीय पूल में इसका स्टॉक सीमित रहता है।
कुछ खपतकर्ता उद्योगों को इसकी जरूरत रहती है इसलिए वे सरकार से इसकी खरीद कर सकते हैं। पॉल्ट्री फीड, पशु आहार, स्टार्च तथा एथनॉल निर्माण उद्योग में मक्का का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है।
मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में 2275 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ था जिसे 2025-26 सीजन के लिए 175 रुपए बढ़ाकर 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मोटे अनाजों की बिक्री का कोटा अभी घोषित नहीं हुआ है।
