ओएमसी द्वारा एथनॉल की खरीद के लिए नए मैकेनिज्म को सरकार की मंजूरी

29-Jan-2025 06:17 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनट) ने पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के कार्यक्रम (ईबीपी) के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा एथनॉल की खरीद के लिए मैकेनिज्म या पद्धति को स्वीकृति प्रदान कर दी है और साथ ही साथ 2024-25 के एथनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए आपूर्ति होने वाले एथनॉल का दाम भी संशोधित कर दिया है। 

आर्थिक मामलों को केन्द्रीय कैबिनेट समिति (सीसीईए) की एक महत्वपूर्ण मीटिंग में 2024-25 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के लिए एथनॉल के खरीद मूल्य की समीक्षा करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

इसके तहत सी-हैवी  शीरा से निर्मित एथनॉल का एक्स फैक्टरी मूल्य 56.58 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 57.97 रुपए प्रति लीटर नियत किया  गया है। 

सरकार के इस निर्णय से कीमतों में स्थिरता लाने तथा एथनॉल आपूर्तिकर्ताओं को लाभप्रद वापसी सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इससे क्रूड खनिज तेल के आयात पर निर्भरता घटाने तथा विदेशी मुद्रा की बचत करने में भी सहायता प्राप्त होगी। 

गन्ना उत्पादकों के हित में यह निर्णय लिया गया है कि जीएसटी तथा परिवहन खर्च का भुगतान अलग-अलग करना पड़ेगा। खरीद मूल्य में हुई बढ़ोत्तरी के कारण सी हैवी शीरा से निर्मित एथनॉल का दाम 3 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

जिससे एथनॉल मिश्रण के बढ़े हुए लक्ष्य को पूरा करने हेतु एथनॉल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। सरकार ने पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य 20 प्रतिशत नियत किया है।

इस बार एथनॉल निर्माण में गन्ना के इस्तेमाल पर कोई मात्रात्मक नियंत्रण भी नहीं लगाया गया है। पिछले दस वर्षों के दौरान (31 दिसम्बर 2024 तक) तेल विपणन कंपनियों द्वारा पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण किए जाने से 13,007 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विदेशी मुद्रा की बचत हुई और लगभग 193 लाख टन क्रूड तेल का विकल्प भी सामने आया। आगे इसका दायरा और भी बढ़ने की उम्मीद है।