ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भाग में बेमौसमी वर्षा से फसलों की क्वालिटी प्रभावित

06-Dec-2024 03:55 PM

सिडनी । ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी प्रांतों में बेमौसमी बारिश होने से जौ तथा गेहूं की क्वालिटी खराब होने लगी है और फसल की कटाई-तैयारी की गति भी धीमी पड़ गई है।

बारिश से वहां यातायात पर असर पड़ा है और अनाज की डिलीवरी में बाधा पड़ रही है जिससे उसका भाव ऊंचा और तेज हो गया है। गेहूं और जौ की क्वालिटी कमजोर पड़ने से अच्छे माल की आपूर्ति घट गई है और बाजार मजबूत होने लगा है। 

हालांकि क्वींसलैंड प्रान्त तथा न्यू साउथ वेल्स के उत्तरी क्षेत्र में फसलों की कटाई-तैयारी या तो समाप्त हो गई है या अंतिम चरण में पहुंच गई है लेकिन जहां फसलों को काटने के बाद सुरक्षित स्थान तक सही समय पर नहीं पहुंचाया जा सका वहां बेमौसमी वर्षा से उसकी गुणवत्ता खराब हो गई।

कुछ क्षेत्रों में क्वालिटी इतनी खराब हो गई कि वह मनुष्य के खाने के लायक नहीं रही और उसका इस्तेमाल पशु आहार (फीड) निर्माण में ही संभव हो सकेगा।

कई उत्पादकों ने फीड क्वालिटी के जौ तथा कम प्रोटीन के अंश वाले गेहूं की बिक्री आरंभ कर दी है क्योंकि अब ज्वार फसल की कटाई-तैयारी का समय नजदीक आता जा रहा है।

उत्तरी क्षेत्र में बिकवाली की रफ्तार बढ़ने से जौ का भाव कुछ नरम पड़ गया है जबकि सॉफ्ट गेहूं का बाजार मजबूत बना हुआ है क्योंकि विक्टोरिया प्रान्त में गेहूं की जिस फसल की कटाई अभी तक नहीं हुई है

उसका भविष्य अनिश्चित हो गया है और न्यू साउथ वेल्स प्रान्त के दक्षिणी तथा मध्यवर्ती भाग से जो गेहूं आ रहा है वह वजन में हल्का और विशक्त है।

डाउंस क्षेत्र में 28 नवम्बर को जौ का भाव 323 डॉलर प्रति टन, सॉफ्ट गेहूं का 340 डॉलर प्रति टन तथा ज्वार का दाम 323 डॉलर प्रति टन चल रहा था। इसी तरह मेलबोर्न में जौ का मूल्य 325 डॉलर एवं गेहूं का मूल्य 355 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया।

उत्तरी राज्यों के उत्पादक अपने गेहूं एवं जौ की बिक्री में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि बाजार भाव ऊंचा होने से उन्हें बेहतर दाम प्राप्त हो रहा है। वहां अधिकांश फसल की कटाई पूरी हो चुकी है और किसान अपने चने का अधिकतर स्टॉक भी बेच चुके हैं।