ऑस्ट्रेलिया में बेहतर उत्पादन की उम्मीद से मसूर का भाव नरम
20-Aug-2025 03:24 PM
मेलबोर्न। ऑस्ट्रेलिया के दोनों प्रमुख उत्पादक प्रांतों- साउथ ऑस्ट्रेलिया तथा विक्टोरिया में 2024-25 सीजन के दौरान मौसम की प्रतिकूल हालत के कारण मसूर का निराशाजनक उत्पादन हुआ था लेकिन इस बार फसल की स्थिति बेहतर नजर आ रही है जिससे पैदावार सुधरने के आसार हैं।
पैकर्स को डिलीवरी के लिए ऑस्ट्रेलिया में गत माह की तुलना में मौजूद स्टॉक वाली मसूर का तात्कालिक भाव करीब 30-40 डॉलर घटकर अब छोटी लाल मसूर का 730 डॉलर प्रति टन तथा बड़ी लाल मसूर का 780 डॉलर प्रति टन पर आ गया है।
इसी तरह आगामी नई फसल वाली छोटी लाल मसूर का दाम 690 डॉलर प्रति टन तथा जम्बो (बड़ी) लाल मसूर का भाव 720 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है। उधर कनाडा में मसूर की नई फसल की आवक शुरू हो गई है। वहां विभिन्न क्षेत्रों में फसल की हालत मिश्रित देखी बाजार कुछ असमंजस में है।
हाल की बारिश से कनाडा में पिछैती बिजाई वाली मसूर की फसल को फायदा होने की उम्मीद है मगर अगैती बिजाई वाली फसल की उपज दर एवं क्वालिटी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। यदि कनाडा में मसूर की क्वालिटी कमजोर हुई तो ऑस्ट्रेलिया को भी परोक्ष रूप से नुकसान हो सकता है क्योंकि कनाडा में मसूर का भाव नरम पड़ेगा और ऑस्ट्रेलिया को भी दाम नीचे रखना पड़ेगा।
कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया दुनिया में मसूर के दो सबसे प्रमुख निर्यातक देश है मगर फसल पर दुविधा की स्थिति को देखते हुए उत्पादक इस बार अग्रिम अनुबंध करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिन उत्पादकों के पास मसूर का पुराना स्टॉक मौजूद है वे इसकी बिक्री धीरे-धीरे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
विक्टोरिया प्रान्त में मसूर की फसल अपनी सामान्य स्थिति से 4-5 सप्ताह पीछे है और इसका विकास अब संतोषजनक ढंग से हो रहा है। नई फसल की कटाई वहां देर से शुरू हो सकती है। वसंतकाल के दौरान यदि सामान्य औसत से अधिक वर्षा हुई तो लेट बिजाई वाली फसल को फायदा हो सकता है।
अक्टूबर में मसूर फसल की कटाई-तैयारी शुरू हो जाती है। साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में फसल बेहतर हालत में है। इधर भारत में मसूर के आयात पर 10 प्रतिशत का मूल सीमा शुल्क लागू है।
