ऑस्ट्रेलिया में दलहनों के अगाऊ सौदों की गति धीमी

19-Aug-2025 03:40 PM

ब्रिसबेन। ऑस्ट्रेलिया के उत्पादक एवं व्यापारी फिलहाल दलहनों की आगामी फसल की खरीद-बिक्री के लिए अग्रिम अनुबंध करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं

जिससे संकेत मिलता है कि इस बार फसलों की कटाई-तैयारी कुछ देर से शुरू हो सकती है और इसकी उपज दर के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया में चना, मसूर एवं फाबा बीन्स जैसे दलहनों का उत्पादन एवं कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। 

जहां तक चना का सवाल है तो मध्यवर्ती क्वींसलैंड प्रान्त के दक्षिणी भाग में भारी वर्षा होने तथा मौसम प्रतिकूल रहने से फसल के विकास में बाधा पड़ रही है और इसकी उपज दर क्वालिटी तथा पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।

इससे उत्पादक असमंजस में फंसे हुए हैं। उत्पादकों की दुविधा का दूसरा कारण कमजोर बाजार भाव है। आगामी फसल के अग्रिम अनुबंध के लिए खरीदारों द्वारा जो ऑफर मूल्य दिया जा रहा है वह किसानों के लिए आकर्षक नहीं है। इसके फलस्वरूप नई फसल की बिक्री का सौदा करने में उत्पादक फिलहाल कम सक्रियता दिखा रहे हैं। 

हालांकि मसूर की फसल की हालत साउथ ऑस्ट्रेलिया एवं विक्टोरिया जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में अब काफी हद तक सुधर गई है और हाल की बारिश से फसल को काफी फायदा हुआ है

लेकिन अभी इसकी औसत उपज दर के बारे में कोई सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। इसके लिए फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने तक मौसम के रूख का इंतजार करना पड़ेगा। 

न्यू साउथ वेल्स प्रान्त के उत्तरी क्षेत्र तथा क्वींसलैंड प्रान्त के दक्षिणी भाग में फाबा बीन्स फसल की हालत में काफी सुधार आया है और वहां इसकी उपज दर सामान्य औसत से ऊंची रहने की उम्मीद की जा रही है।

दक्षिणी इलाके में उपज दर सामान्य औसत के आसपास रहने की संभावना दुनिया में देसी चना का सबसे बड़ा निर्यातक देश है जबकि मसूर के निर्यात में कनाडा के बाद दूसरे नम्बर पर रहता है। वहां इसकी नई फसल अक्टूबर से आने लगेगी।