ऑस्ट्रेलिया में दलहनों का उत्पादन ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

16-Oct-2024 05:57 PM

ब्रिसबेन । राबो बैंक के एक कृषि व्यवसाय विशेषज्ञ का मानना है कि 2024-25 सीजन के दौरान ऑस्ट्रेलिया में दलहन फसलों का कुल उत्पादन बढ़कर ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच सकता है क्योंकि मजबूत वैश्विक मांग को देखते हुए उत्पादकों ने दलहनों का बिजाई क्षेत्र बढ़ा दिया।

भारत में चना तथा मसूर का आयात बड़े पैमाने पर होने की उम्मीद है जिससे ऑस्ट्रेलियाई उत्पादक उत्साहित है। विशेषज्ञ के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में दलहन  फसलों के संवर्ग में मुख्यत: चना, मसूर, फाबा बीन्स, मटर, ल्यूपिन तथा मूंग का उत्पादन होता है।

2024-25 सीजन के दौरान इन दलहनों का उत्पादन 2023-24 के सीजन से बेहतर होने की संभावना है। कुछ उत्पादक क्षेत्रों में मौसम शुल्क होने तथा घने कोहरे का प्रकोप रहने के बावजूद दलहनों का कुल उत्पादन पिछले साल के स्तर को पार कर जाएगा।

विशेषज्ञ के मुताबिक सितम्बर में देश के दक्षिणी उत्पादक इलाकों में घने कोहरे का प्रकोप आरंभ होने तक ऑस्ट्रेलिया में दलहनों का कुल उत्पादन बढ़कर 45 लाख टन के आसपास पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा था जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा स्तर माना जा रहा था।

हालांकि घने कोहरे की वजह से दलहनों की औसत उपज दर में कुछ कमी आएगी लेकिन अभी उम्मीद खत्म नहीं हुई है। कोहरे का संकट समाप्त होने के बाद फसलों का दोबारा विकास हो सकता है और उत्पादन में आने वाली गिरावट की भरपाई हो सकती है।

ऑस्ट्रेलिया में दलहन उत्पादन में होने वाली बढ़ोत्तरी में चना की प्रमुख भूमिका रहेगी जिसके बिजाई क्षेत्र में भारी वृद्धि हुई है। चना के वैश्विक उत्पादन में भारत  के बाद ऑस्ट्रेलिया दूसरे नम्बर पर रहता है जबकि निर्यात के मामले में यह नम्बर वन पोजीशन पर बरकरार है।

कनाडा तथा रूस भी इसके निर्यातक देश हैं। भारत में उस समय देसी चना के आयात को शुल्क मुक्त करने की घोषणा हुई थी जब ऑस्ट्रेलिया में इसकी बिजाई का सीजन आरंभ हुआ था।

इससे ऑस्ट्रेलिया के किसानों को चना का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल गया। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलियाई चना के अन्य प्रमुख आयातकों में बांग्ला देश, संयुक्त अरब अमीरात एवं पाकिस्तान भी शामिल हैं।