ओलावृष्टि होने पर रबी फसलों को हो सकता है नुकसान
23-Jan-2025 06:10 PM
नई दिल्ली । मौसम विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। इस समय की वर्षा आमतौर पर रबी फसलों- गेहूं, चना एवं सरसों आदि के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
इसके साथ-साथ मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होने की भविष्यवाणी की है जिससे मैदानी इलाकों में बर्फीली हवा के प्रवाह से ठंड बढ़ने की संभावना है।
लेकिन उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ओले गिरने की आशंका जताई गई है जो रबी फसलों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
रबी फसलों की बिजाई समाप्त होने के बाद अब सबका ध्यान मौसम पर केन्द्रित हो गया है। धूप तेज होने लगी है मगर अभी हवा में ठंडक बरकरार है। मौसम विभाग ने पिछले माह कहा था कि जनवरी में तापमान औसत स्तर से ऊंचा रह सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ओलावृष्टि को छोड़ दिया जाए तो फिलहाल रबी फसलों को मौसम से कोई खतरा नहीं है। वर्तमान समय की धूप इतनी तेज नहीं है कि खेतों की मिटटी से नमी का अंश जल्दी गायब हो जाए।
दिसम्बर की बारिश के बाद मौसम काफी दिनों तक ठंडा रहा जिससे मिटटी में नमी का अंश अभी मौजूद है। बिहार में पिछले दिन हुई वर्षा से गेहूं तथा सरसों की फसल को फायदा होने की उम्मीद है।
रबी फसलों का कुल बिजाई क्षेत्र 640 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है और सरकार को बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद है। गेहूं, चना तथा मक्का के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर सरसों का रकबा काफी घट गया है।
इससे तिलहन-तेल क्षेत्र में कुछ असंतुलन पैदा होने की आशंका है। मसूर, मटर, उड़द तथा मूंग का रकबा गत वर्ष के आसपास ही रहा।
जौ भी इसी श्रेणी में शामिल है। कुछ इलाकों में रबी सीजन की अगैती बिजाई वाली फसलों की कटाई-तैयारी अगले महीने यानी फरवरी से आरंभ हो जाएगी।
