पहली छमाही के दौरान मसालों के निर्यात में मात्रा एवं आय की दृष्टि से बढ़ोत्तरी
05-Dec-2024 04:26 PM
कोच्चि । मसाला बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी (अप्रैल-सितम्बर 2024) के दौरान भारत से मसालों के निर्यात में मात्रा की दृष्टि से 6 प्रतिशत तथा आमदनी की दृष्टि से 9 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान मसालों की निर्यात मात्रा 7,49,877.55 टन से सुधरकर 7,92,723.57 टन पर पहुंची जबकि निर्यात आय 16,990.39 करोड़ रुपए से बढ़कर 18,591.65 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
कुछ मसालों के निर्यात में मात्रा एवं आमदनी- दोनों स्तर पर इजाफा हुआ जबकि कुछ अन्य के निर्यात में या तो मात्रा या आमदनी में वृद्धि हुई। कुछ मसालों के निर्यात में गिरावट भी आई।
मसाला बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के दौरान जिन मसालों का निर्यात प्रदर्शन बेहतर रहा उसमें जीरा, सौंफ, मेथी, छोटी इलायची, सौंठ तथा इमली शामिल है। दूसरी ओर धनिया एवं लहसुन का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहा।
सौंफ की निर्यात आमदनी पिछले साल के 378.47 करोड़ रुपए से बढ़कर इस बार 493.25 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसी तरह सौंठ का निर्यात भी 157.87 करोड़ रुपए से बढ़कर 298.83 करोड़ रुपए हो गया।
जहां तक जीरा का सवाल है तो चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इसकी निर्यात मात्रा पिछले साल के 76,969 टन से 67 प्रतिशत उछलकर 1,28,505 टन पर तथा निर्यात आय 2741.89 करोड़ रुपए से 29 प्रतिशत बढ़कर 353% 24 करोड़ रुपए पर पहुंची। मेथी के निर्यात में भी मात्रा की दृष्टि से 53 प्रतिशत तथा आमदनी की दृष्टि से 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इसी तरह छोटी इलायची की निर्यात मात्रा 37 प्रतिशत तथा निर्यात आय 87 प्रतिशत बढ़ी। धनिया का निर्यात घट गया लेकिन हल्दी, बड़ी इलायची तथा कालीमिर्च के निर्यात में भी बढ़ोत्तरी हुई। धनिया के निर्यात की मात्रा में 59 प्रतिशत एवं आमदनी में 48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
