पंजाब में चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में करीब 172 लाख टन धान की सरकारी खरीद

05-Dec-2024 03:56 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान कुल मिलाकर लगभग 172 लाख टन धान की सरकारी खरीद हुई और इसमें से 169 लाख टन का उठाव भी हो गया।

केन्द्रीय खाद्य राज्य मंत्री के अनुसार पंजाब में मुख्यत: राज्य सरकार की अधीनस्थ एजेंसियों द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाता है और फिर उसकी कस्टम मिलिंग करवाकर खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति की जाती है। 

पंजाब में राइस मिलर्स कस्टम मिलिंग वाले धान की प्रोसेसिंग आरंभ कर चुके हैं और खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। खाद्य निगम द्वारा अब तक 94 हजार टन चावल की खेप को स्वीकार किया जा चुका है।

स्टॉक की क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार पंजाब की मंडियों में पहुंचने वाले धान की पूरी मात्रा की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है बशर्ते उसकी क्वालिटी अच्छी हो। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान भी निश्चित समयावधि में किया गया है। 

पंजाब से अन्य राज्यों को चावल की तस्करी होने की कोई घटना अभी तक सामने नहीं आई है और न ही राज्य में क्वालिटी के आधार पर चावल को अनावश्यक रूप से नामंजूर किए जाने की कोई सूचना मिली है।

खाद्य राज्य मंत्री के अनुसार 169 लाख टन धान पंजाब के राइस मिलर्स के पास पहले ही पहुंचाया जा चुका है जिसकी जोरदार मिलिंग हो रही है। 

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में 185 लाख टन धान (124 लाख टन चावल) खरीदने का लक्ष्य रखा था मगर वास्तविक खरीद करीब 172 लाख टन तक ही पहुंच सकी जो 115.53 लाख टन चावल के समतुल्य है।

पिछले साल वहां 124.25 लाख टन चावल के समतुल्य धान खरीदा गया था। इस तरह गत वर्ष के मुकाबले इस बार खरीद में 7 प्रतिशत की गिरावट आई। पंजाब के किसानों को इस बार सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना धान बेचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा