पंजाब में किसानों को धान का रकबा घटाने एवं अन्य फसलों का बढ़ाने का सुझाव

06-Jun-2025 12:20 PM

चंडीगढ़। फसल विविधिकरण योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पानी की बचत सुनिश्चित करने के लिए पंजाब में धान का रकबा घटाकर मक्का सहित अन्य फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने वाले किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। पंजाब सरकार राज्य में मक्का का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है जिससे न केवल पानी की बचत होगी बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। एथनॉल निर्माण में मक्का का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है जिससे इसका बाजार भाव ऊंचा रहने की उम्मीद है। 

पंजाब सरकार ने राज्य में धान का उत्पादन क्षेत्र घटाने तथा उसके स्थान पर मक्का का बिजाई क्षेत्र बढ़ाने के लिए एक पायलट परियोजना आरंभ की है जिसका उद्देश्य धान की खेती पर किसानों की निर्भरता को कम करना है। इसके तहत राज्य के छह जिलों- भटिंडा,संगरूर, पठानकोट, गुरदासपुर, जालंधर एवं कपूरथला में धान का क्षेत्रफल 10 हजार हेक्टेयर घटाकर उसमें मक्का की खेती आरंभ करवाने का प्रयास किया जा रहा है। मक्का की खेती पर किसानों को प्रति वर्ष 17,500 रुपए प्रति हेक्टेयर (200 डॉलर) का आर्थिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा उस क्षेत्रफल में उत्पादित मक्का की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। केन्द्र सरकार ने 2025-26 के सीजन हेतु मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपए (28 डॉलर) प्रति क्विंटल निर्धारित किया है और किसानों को कम से कम इस समर्थन मूल्य की वापसी सुनिश्चित की जाएगी।

लेकिन यह प्रोत्साहन केवल उस खेत के लिए दिया जाएगा जिसमें पिछले साल धान की खेती हुई थी और इस बार मक्का की बिजाई की जाएगी। धान की खेती कुछ जिलों में शुरू हो गई है जबकि अन्य जिलों में 9 जून से आरंभ हो जाएगी। दूसरी और मक्का की बिजाई जून के अंत तक आरंभ होने की संभावना है।