पंजाब में खाद्य निगम के कुछ गोदामों में घटिया क्वालिटी के चावल का स्टॉक
19-Nov-2024 06:07 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय एजेंसी- भारत खाद्य निगम (एफसीआई) के पंजाब स्थित कुछ गोदामों में घटिया क्वॉलिटी के चावल का स्टॉक मौजूद है जिसे मनुष्य के खाने के लायक नहीं माना जा रहा है।
इसकी जानकारी तब मिली जब पंजाब से नागालैंड, कर्नाटक, आसाम एवं अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी आपूर्ति की गई और वहां इसकी क्वालिटी की जांच-पड़ताल हुई।
यदि किसी एक राज्य का मामला होता तो शायद उसे दबा दिया जाता मगर जब एक साथ चार-पांच राज्यों में इसकी शिकायत सामने आई तब खाद्य निगम के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा।
अब खाद्य निगम के शीर्ष अधिकारियों ने फील्ड स्टॉफ को सख्त निर्देश दिया है कि गोदामों से बाहर निकलकर कहीं अन्यत्र भेजने से पूर्व चावल की क्वालिटी की दो बार जांच-पड़ताल की जाए और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही इसे परिवहन की अनुमति दी जाए।
सभी जिला स्तरीय प्रबंधकों तथा सहायक महाप्रबंधकों (गुणवत्ता नियंत्रण) को भेजे एक पत्र में भारतीय खाद्य निगम के वरिष्ठ महाप्रबंधक ने कहा है कि पंजाब से बाहर भेजे जाने वाले चावल के सभी रेलवे रैक की दोहरी जांच-पड़ताल क्षेत्रीय कार्यालय की क्वालिटी टीम द्वारा की जानी चाहिए पत्र में कहा गया है कि नागालैंड में घटित हाल की घटनाओं के कारण अन्य क्षेत्रों में भी भारतीय खाद्य निगम की छवि धूमिल हुई है।
पत्र में खाद्य नियम के डिवीजनल जनरल मैनेजर (डीजीएम) से कहा गया है कि चावल की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल करने तथा खेपों को रवाना करने से पूर्व उसे सर्टिफाई (प्रमाणित) करने के लिए डिवीजन के स्तर पर टीम का गठन किया जाए। इस टीम की रिपोर्ट के बगैर गोदामों से चावल के किसी भी स्टॉक को बाहर भेजने की अनुमति न दी जाए।
डीजीएम से यह भी कहा गया है कि जब क्वालिटी डिवीजन से क्लीयरेंस प्राप्त न हो जाए तब तक रैक भेजने का प्लान नहीं बनाया जाए। सभी फील्ड स्टॉफ को सख्त निर्देश दिया जाए
कि गुणवत्ता सम्बन्धी उपायों को हमेशा बरकरार रखा जाए और इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही या निष्क्रियता नहीं दिखाई जाए। यदि किसी डिवीजन से किसी छोटे मुद्दे की भी खबर मिलती है तो सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
