पंजाब में मक्का का उत्पादन बढ़ाने का प्रयास

07-Jun-2025 11:50 AM

चंडीगढ़। एथनॉल निर्माण सहित अन्य उद्देश्यों में लगातार तेजी से बढ़ती मांग एवं खपत को देखते हुए मक्का अब एक बार फिर सबसे महत्वपूर्ण एवं चर्चित मोटा अनाज बन गया है। पहले जो किसान अत्यन्त कमजोर बाजार भाव को देखते हुए घाटे की आशंका से मक्का की खेती से दूर भागने लगे थे वे अब पूरे  जोश एवं उत्साह के साथ दोबारा इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। केन्द्र सरकार ने भी मक्का के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है। 

पंजाब में मामला कुछ अलग है क्योंकि खरीफ सीजन में वहां धान की खेती को सर्वाधिक पसंद किया जाता है और किसान इसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए राज्य सरकार को कुछ क्षेत्रों में धान के परम्परागत खेतों में मक्का की बिजाई शुरू करने हेतु किसानों को राजी करने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। पंजाब सरकार ने कहा है कि जिन खेतों में पिछले साल धान की खेती हुई थी उसमें अगर किसान इस वर्ष मक्का की खेती करते हैं तो उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा और एमएसपी पर उसके मक्के की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल छह जिलों के लिए यह पायलट योजना शुरू की गई है जिसमें संगरूर, भटिंडा, पठानकोट, गुरदासपुर, जालंधर एवं कपूरथल शामिल है। किसानों को धान के बजाए मक्का की खेती करने पर प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपए का आर्थिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उपरोक्त जिलों के कितने किसान धान को छोड़कर मक्का की खेती अपनाने का प्रयास करते हैं।