पाकिस्तान सीमा बंद होने से सूखे मेवों का आयात खर्च बढ़ने की संभावना
29-Apr-2025 11:08 AM
मुम्बई। आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान भारत में सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) का भाव कुछ ऊंचा रह सकता है क्योंकि पाकिस्तान के साथ लगती सीमा को बंद कर दिया गया है। इससे न केवल पाकिस्तान बल्कि अफगानिस्तान से भी सड़क मार्ग से आयात प्रभावित होगा।
इस घटनाक्रम के कारण भारत में अफगानिस्तान से सूखी खुबानी, बादाम, काली एवं हरी किशमिश, मुनक्का, पिस्ता तथा अखरोट आदि के आयात पर असर पड़ सकता है।
हालांकि वैकल्पिक मार्ग से इसका आयात जारी रहने की उम्मीद है लेकिन उसमें खर्च बढ़ने तथा क्वालिटी संदिग्ध रहने की संभावना रहेगी।
उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान भारत को सूखे मेवों एवं नट्स की आपूर्ति करने वाले सभी प्रमुख देशों में से एक है। वहां से भारत को प्रतिवर्ष औसतन 20 हजार टन ड्राई फ्रूट्स का निर्यात किया जाता है।
भारत में सूखे मेवों की मांग एवं खपत तेजी से बढ़ती जा रही है और पाकिस्तानी सीमा बंद होने से आयातकों-निर्यातकों की कठिनाई बढ़ जाएगी।
भारतीय आयातकों को दुबई के रास्ते इसका आयात करने के लिए विवश होना पड़ सकता है जिससे खर्च बढ़ जाएगा। त्यौहारी सीजन के पीक खपत वाले समय में सूखे मेवों का घरेलू बाजार भाव ऊंचा हो सकता है।
ध्यान देने की बात है कि भारत में अमरीका सहित कुछ अन्य देशों से दुबई के रास्ते कुछ सूखे मेवों का आयात पहले से ही हो रहा है लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध बदतर होने पर अफगानिस्तान से आने वाले सूखे मेवों का आयात खर्च बढ़ जाएगा। अटारी सीमा को बंद कर दिया गया है।
समझा जाता है कि सीमा पार लगभग 30 ट्रकों में अफगानी उत्पाद भरा हुआ है और भारत में प्रवेश करने के लिए उसे पाकिस्तानी मंजूरी का इंतजार है।
यद्यपि फिलहाल देश में मई से उत्तरी भारत में आरंभ होने वाले लग्नसरा सीजन की मांग को पूरा करने के लिए सूखे मेवों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है मगर त्यौहारी सीजन में कुछ कठिनाई उत्पन्न होने की आशंका है।
