पीली मटर पर कम से कम 50 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाने की मांग

30-Apr-2025 12:53 PM

नई दिल्ली। भारतीय दलहन उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र द्वारा केन्द्र सरकार से पीली मटर के आयात पर 50 प्रतिशत या इससे अधिक का सीमा शुल्क लगाने की मांग की जा रही है

ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मटर का आयात खर्च चना के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के समतुल्य हो। उल्लेखनीय है कि 31 मई 2025 तक पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है।

चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 5650 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है। पीली मटर को देसी चना का एक सस्ता विकल्प माना जाता है। 

केन्द्र सरकार ने दिसम्बर 2023 में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति प्रदान की थी और बीच-बीच में इसकी समयावधि बढ़ाई गई।

अब घरेलू बाजार में दाल-दलहन की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम होने तथा कीमतों में गिरावट आने से पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात को आगे जारी रखने की आवश्यकता नहीं है। अंतिम बार सरकार ने इसके शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को मार्च के आरंभ में 31 मई 2025 तक के लिए बढ़ाया था। 

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) के चेयरमैन का कहना है कि पिछले 18 महीनों में सातवीं बार पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समयसीमा बढ़ाई गई।

अब सरकार को इस पर कम से कम 50 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाना चाहिए ताकि चना के घटते भाव को रोका जा सके और उत्पादकों को राहत मिल सके। 

शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति दिए जाने के बाद देश में खासकर कनाडा और रूस से पीली मटर के आयात का प्रवाह अत्यन्त तेजी से बढ़ने लगा और घरेलू बाजार में सस्ती आयातित मटर की आपूर्ति एवं उपलब्धता में जबरदस्त इजाफा होने से चना की कीमतों पर दबाव बढ़ने लगा। इससे अन्य दलहनों की मांग एवं खपत भी प्रभावित हुई।

वर्तमान समय में पीली मटर का आयात खर्च 3400/3550 रुपए प्रति क्विंटल बैठ रहा है जो चना के एमएसपी 5650 रुपए प्रति क्विंटल से काफी कम है। चना का दाम घटकर नीचे आ गया है।