पाम बागान का लक्ष्य हासिल नहीं करने वाली फर्मों का आवंटन घटाने का निर्णय
05-Jan-2026 04:38 PM
हैदराबाद। सरकार ने ऑयल पाम के बागानी क्षेत्र का लक्ष्य प्राप्त करने में विफल रहने वाली फर्मों से उसे पूर्व में आवंटित क्षेत्रफल में कटौती करने और इस क्षेत्रफल को अन्य कंपनियों को आवंटित करने की निर्याणक कार्रवाई आरंभ कर दी है। इसके फलस्वरूप लक्ष्य या क्षमता से कम प्रदर्शन करने वाली फर्मों को नुकसान हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि तेलंगाना में सरकार ने ऑयल पाम की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए कई कंपनियों से नए-नए बागान लगाने का समझौता किया था और उसे खास-खास संभाग भी आवंटित कर दिया था।
लेकिन कुछ कंपनियां अपने संकल्प को पूरा करने तथा नियत लक्ष्य को हासिल करने में सफल नहीं हो सकी। अब इन फर्मों का आवंटन घटकर उसे अन्य कंपनियों को सौंपने का फैसला किया गया है। अब कटौती वाला क्षेत्र तेलंगाना ऑयल फेडरेशन के अधीन आ गया है।
तेलंगाना ऑयल पाम (प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग एंड कंट्रोल) एक्ट, 1993 के अंतर्गत और उसके बाद वर्ष 2008 में जोड़े गए प्रावधानों के तहत फर्मों के लिए ऑयल पाम के पौधों की प्लांटिंग के पश्चात तीन साल या 36 महीनों के अंदर पाम प्रोसेसिंग की इकाइयां स्थापित करना और अपने आवंटित संभाग के पाम उत्पादकों को सहयोग समर्थन देना आवश्यक है।
लेकिन कुछ क्षेत्रों में पाम की प्रोसेसिंग सुविधाएं स्थापित नहीं हो सकी, तेलंगाना के कृषि मंत्री बार-बार स्थिति की समीक्षा करते रहे और सम्बन्धित फर्मों को नियत समय सीमा में लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगाह किया गया लेकिन जब धरातल पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया तब सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए विवश होना पड़ा।
उदाहरणस्वरूप एक कम्पनी को करीम नगर जिले में ऑयल पाम की खेती के लिए 44,527 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी लेकिन वह नियत समय सीमा में सिर्फ 6721 एकड़ में ही पाम का बागान लगाने में सक्षम हो सकी। इसके फलस्वरूप उसके फैक्टरी जोन को निरस्त करके उसे फेडरेशन को सौंप दिया गया है।
