पश्चिम बंगाल में चावल की खरीद में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी
02-Jan-2026 08:55 PM
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल देश के अग्रणी धान उत्पादक राज्यों में शामिल है और वहां वर्ष 2026 में राज्य विधानसभा का चुनाव होने वाला है। इसे देखते हुए राज्य के धान उत्पादकों को खुश करने का जोरदार प्रयास आरंभ हो गया है।
मौजूदा खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान 31 दिसम्बर 2025 तक 10.27 लाख टन चावल के समतुल्य धान की सरकारी खरीद हो गई जबकि आमतौर पर इस समय तक वहां धान खरीद की प्रक्रिया ठीक से आरंभ भी नहीं होती है।
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर-नवम्बर के दौरान धान की सरकारी खरीद की गति धीमी रही थी लेकिन दिसम्बर में यह सुधर गई।
अक्टूबर-दिसम्बर 2025 की तिमाही में उत्तर प्रदेश में चावल (इसके समतुल्य धान) की कुल सरकारी खरीद सुधरकर 24.45 लाख टन पर पहुंच गई
जो वर्ष 2024 की समान अवधि की खरीद 23.88 लाख टन से 57 हजार टन या 2.4 प्रतिशत अधिक रही। इसी तरह चावल की सरकारी खरीद मध्य प्रदेश में 16.25 लाख टन से 35.3 प्रतिशत उछलकर 22.52 लाख टन तथा उत्तराखंड में 4.34 लाख टन से 15.4 प्रतिशत बढ़कर 5.01 लाख टन पर पहुंच गई।
केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्यों पंजाब में चावल की खरीद गत वर्ष के 116.13 लाख टन से 9.7 प्रतिशत गिरकर इस बार 104.80 लाख टन तथा हरियाणा में 35.99 लाख टन से फिसलकर 35.96 लाख टन रह जाने का आंकड़ा दिया गया है।
लेकिन इसमें बदलाव हो सकता है क्योंकि पिछले साल हरियाणा में कुल 36.17 लाख टन चावल की सरकारी खरीद हुई थी।
