रबी फसलों की बिजाई के वर्तमान स्तर से उत्पादन लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल
18-Dec-2024 08:01 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए 1150 लाख टन गेहूं, 145.50 लाख टन चावल, 120 लाख टन मक्का, 136.50 लाख टन चना, 16.50 लाख टन मसूर, 138 लाख टन सरसों तथा 22.50 लाख टन जौ के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है मगर विभिन्न फसलों की बिजाई एवं मौसम तथा वर्षा की स्थिति को देखते हुए इस उत्पादन लक्ष्य का हासिल होना फिलहाल मुश्किल लगता है।
यह सही है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र कुल मिलाकर कुछ आगे चल रहा है मगर यह मुख्यत: गेहूं, धान तथा चना की वजह से संभव हुआ है जिसके क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हुई है।
अन्य अधिकांश फसलों- मसूर, मटर, उड़द, मूंग, ज्वार, सरसों, मूंगफली एवं अलसी आदि की बिजाई गत वर्ष से पीछे है। जौ का रकबा भी काफी घट गया है।
रबी फसलों की बिजाई दिसम्बर-जनवरी में जारी रहेगी और इससे क्षेत्रफल में कुछ सुधार आने के आसार भी हैं लेकिन जिसका रकबा पीछे रह जाएगा उसकी पैदावार के प्रति संदेह बना रहेगा क्योंकि इस बार मौसम की हालत रबी फसलों के लिए ज्यादा अनुकूल रहने की उम्मीद नहीं है।
उत्तरी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में लम्बे समय से वर्षा का अभाव है और दिसम्बर के प्रथम सप्ताह तक तापमान काफी ऊंचा रहा। अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे एवं धुंध का प्रकोप रहने की संभावना है। इसके बाद यदि बारिश नहीं हुई तो दिन का तापमान पुनः सामान्य स्तर से ऊंचा रह सकता है।
