रबी फसलों के उत्पादन क्षेत्र में 3 प्रतिशत का इजाफा
13-Jan-2026 07:01 PM
नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 626.64 लाख हेक्टेयर से 17.65 लाख हेक्टेयर पर यानी 3 प्रतिशत बढ़कर 644.29 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
समीक्षाधीन अवधि में अधिकांश प्रमुख फसलों- गेहूं, जौ, मक्का, चना, मसूर, सरसों एवं मूंगफली आदि के बिजाई क्षेत्र में अच्छी वृद्धि हुई और धान का रकबा भी बढ़ गया। लेकिन दूसरी ओर मटर, उड़द तथा ज्वार आदि के बिजाई क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 सीजन के मुकाबले 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन के दौरान गेहूं का बिजाई क्षेत्र 328.04 लाख हेक्टेयर से उछलकर 334.17 लाख हेक्टेयर, धान का उत्पादन क्षेत्र 1949 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 21.71 लाख हेक्टेयर,
दलहनों का क्षेत्रफल 132.61 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 136.36 लाख हेक्टेयर, मोटे अनाजों का रकबा 53.17 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 55.20 लाख हेक्टेयर और तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 93.33 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 96.86 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
ऊंचे स्तर के न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं अनुकूल मौसम से प्रोत्साहित किसानों ने गेहूं की बिजाई में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई जिससे इसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 328.04 लाख हेक्टेयर के रिकॉर्ड स्तर से भी 6.13 लाख हेक्टेयर उछल कर इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह चना की बिजाई में 4.66 लाख हेक्टेयर की जोरदार बढ़ोत्तरी हुई और इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 91.22 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 95.88 लाख हेक्टेयर हो गया।
मसूर का बिजाई क्षेत्र भी इस अवधि में 17.66 लाख हेक्टेयर से 45 हजार हेक्टेयर सुधरकर 18.12 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
तिलहन फसलों में सरसों का रकबा 86.57 लाख हेक्टेयर से 2.79 लाख हेक्टेयर बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 3.37 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.52 लाख हेक्टेयर हो गया।
सूरजमुखी, सैफ्लावर तथा अलसी के क्षेत्रफल में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। मोटे अनाजों में मक्का का उत्पादन क्षेत्र 1.75 लाख हेक्टेयर तथा जौ का क्षेत्रफल 1.28 लाख हेक्टेयर बढ़ा मगर ज्वार के बिजाई क्षेत्र में 1.30 लाख हेक्टेयर की गिरावट आ गई। रागी का रकबा 27 हजार हेक्टेयर बढ़ गया।
