रबी कालीन दलहन फसलों के रकबे में 3.75 लाख हेक्टेयर की वृद्धि

12-Jan-2026 09:00 PM

नई दिल्ली। रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और अब कहीं-कहीं इसकी छिटपुट खेती हो रही है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा रबी सीजन में 9 जनवरी 2026 तक दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 136.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 192.61 लाख हेक्टेयर से 2.75 लाख हेक्टेयर ज्यादा मगर पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 140.42 लाख हेक्टेयर से 4.06 लाख हेक्टेयर कम है। पिछले रबी सीजन की पूरी अवधि में 134.08 लाख हेक्टेयर में दलहनों की खेती हुई थी। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान सबसे प्रमुख दलहन- चना का उत्पादन क्षेत्र 91.22 लाख हेक्टेयर से उछलकर 95.88 लाख हेक्टेयर, मसूर का बिजाई क्षेत्र 17.66 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 18.12 लाख हेक्टेयर तथा खेसारी का रकब 2.92 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.98 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

दूसरी ओर इसी अवधि में मटर का उत्पादन क्षेत्र 8.27 लाख हेक्टेयर से गिरकर 7.92 लाख हेक्टेयर, कुलथी का बिजाई क्षेत्र 2.41 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.98 लाख हेक्टेयर और उड़द का क्षेत्रफल 4.70 लाख हेक्टेयर से गिरकर 4.37 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।

इतना ही नहीं मूंग का रकबा 76 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 74 हजार हेक्टेयर तथा अन्य दलहनों का क्षेत्रफल 4.67 लाख हेक्टेयर से गिरकर 4.37 लाख हेक्टेयर रह गया। 

पिछले सप्ताह की तुलना में 9 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान अधिकांश दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में कोई खास बदलाव नहीं हुआ जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि उसकी बिजाई की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।

दक्षिण भारत में कहीं-कहीं उड़द की बिजाई हुई। चना, मसूर एवं मटर का रकबा गत सप्ताह के स्तर पर ही बरकरार रहा। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे राज्यों में पिछले कुछ दिनों से घने कोहरे का प्रकोप देखा जा रहा है जबकि राजस्थान में कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की सूचना भी मिल रही है।