रबी कालीन धान की खेती में किसानों की दिलचस्पी बरकरार
23-Dec-2025 08:05 PM
नई दिल्ली। हालांकि धान का अधिकांश उत्पादन खरीफ सीजन में होता है और इसकी फसल की कटाई-तैयारी तथा सरकारी खरीद अभी जारी है लेकिन रबी सीजन में भी इसका बढ़िया उत्पादन हो जाता है। रबी कालीन धान की खेती सीमित राज्यों में होती है और इसकी रोपाई अभी चल रही है।
घरेलू प्रभाग में चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति अत्यन्त सुगम होने तथा कीमतों में स्थिरता या नरमी का माहौल बरकरार रहने के बावजूद भारतीय किसान धान की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि उन्हें सरकारी एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपने उत्पाद के खरीदे जाने का पक्का भरोसा है।
2025-26 सीजन के लिए धान का एमएसपी 69 रुपए बढ़ाकर सामान्य श्रेणी के लिए 2369 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2389 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में 19 दिसम्बर, 2025 तक धान का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 13.35 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के रकबा 11.52 लाख हेक्टेयर से 1.83 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
2024-25 के रबी सीजन में धान का सकल उत्पादन क्षेत्र 44.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था और 2025-26 के मौजूदा सीजन के लिए इसका सामान्य औसत क्षेत्रफल 42.93 लाख हेक्टेयर आंका गया है। इससे संकेत मिलता है कि धान की खेती आगे भी जारी रहेगी।
