रबी सीजन में 150.70 लाख टन तिलहनों के उत्पादन का लक्ष्य

01-Jan-2026 12:25 PM

नई दिल्ली। सरसों की अच्छी बिजाई के सहारे रबीकालीन तिलहन फसलों का सकल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है और मौसम की हालत भी अनुकूल बनी हुई है। इसके फलस्वरूप तिलहनों की कुल पैदावार में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही है। वैसे मूंगफली का बिजाई क्षेत्र अभी गत वर्ष से करीब 50 हजार हेक्टेयर पीछे है लेकिन अलसी का रकबा नीचे से ऊपर आते हुए अब पिछले साल के बराबर हो गया है। सूरजमुखी एवं कुसुम या करडी (सैफ्लावर) का क्षेत्रफल पिछले साल से आगे है। तिल की बिजाई अभी सीमित क्षेत्रफल में हुई है लेकिन रबी सीजन में यह बढ़ सकती है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के रबी सीजन हेतु कुल 150.70 लाख टन तिलहनों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें अकेले सरसों का 139 लाख टन का लक्ष्य भी शामिल हैं। ध्यान देने की बात है कि सरसों रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल है और रबीकालीन तिलहनों के सकल उत्पादन में इसका योगदान 85-90 प्रतिशत के करीब रहता है।

आधिकारिक आकड़ों के अनुसार सरसों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 87.80 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समानअवधि के बिजाई क्षेत्र 86.57 लाख हेक्टेयर से 1.23 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। सरसों का सामान्य औसत क्षेत्रफल इस बार 79.17 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है। पिछले साल इस महत्वपूर्ण तिलहन का कुल बिजाई क्षेत्र 86.57 लाख हेक्टेयर पर ही अटक गया था।