रबी सीजन में मक्का तथा जौ का उत्पादन बढ़ने के आसार

01-Jan-2026 01:54 PM

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में इस बार रबी कालीन मक्का एवं जौ के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है जबकि मौसम की हालत काफी हद तक सामान्य बनी हुई है। मक्का की खेती तो खरीफ, रबी एवं जायद - तीनों सीजन में होती है लेकिन जौ रबी सीजन की खास फसल है। बिजाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गयी है।

आधिकारिक आकड़ों के अनुसार पिछले सीजन की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान मक्का का उत्पादन क्षेत्र 20.12 लाख हेक्टेयर से 4 प्रतिशत या 80 हजार हेक्टेयर बढ़कर 20.92 लाख हेक्टेयर तथा जौ का बिजाई क्षेत्र 6.08 लाख हेक्टेयर से 70 हजार हेक्टेयर बढ़कर 6.78 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इस बार जौ का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 5.63 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है जबकि वास्तविक रकबा इससे 1.15 लाख हेक्टेयर ऊपर पहुंच चुका है। मक्का का रकबा सामान्य क्षेत्रफल से पीछे है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने मौजूदा रबी सीजन के दौरान मक्का के लिए 145 लाख टन तथा जौ के लिए 20.50 लाख टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो पिछले सीजन के अंतिम समीक्षित उत्पादन से ज्यादा है। बिजाई एवं मौसम की स्थिति को देखते हुए सरकार को यह उत्पादन लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाने की उम्मीद है। हालांकि जौ की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है लेकिन मक्का की खेती जारी है बिहार को रबीकालीन मक्का का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है। हाल के महीनों में बाजार भाव नरम पड़ने के बावजूद वहां मक्का की खेती में किसानों की अच्छी दिलचस्पी बनी हुई है। इसी तरह राजस्थान परंपरागत रूप से जौ का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जहां इसका रकबा गत वर्ष के 3.30 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 4.49 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।