राजस्थान को छोड़ अन्य राज्यों में गेहूं की हालत बेहतर होने का दावा
17-Mar-2025 12:25 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का कहना है कि केवल राजस्थान के कुछ जिलों को छोड़कर देश के अन्य प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में फसल की हालत अच्छी है और अभी तक इस मामले में चिंता की कोई बात नहीं है।
पिछले साल के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान गेहूं की औसत उपज दर में कम से कम 10 प्रतिशत का इजाफा होने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1154.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो 1150 लाख टन के नियत लक्ष्य तथा 1132.90 लाख टन के पिछले साल के रिकॉर्ड उत्पादन से काफी अधिक है।
दूसरी ओर उद्योग-व्यापार संगठनों द्वारा गेहूं का उत्पादन अधिक से अधिक 1100 लाख टन तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है। यह आंकड़ा भी उत्पादन का नया रिकॉर्ड होगा।
कुछ व्यापारी इन दोनों अनुमानों से असहमत हैं। उनका कहना है कि चालू वर्ष के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन 1040 से 1060 लाख टन के बीच ही हो सकता है। गेहूं की नई फसल की छिटपुट कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है।
समीक्षकों के अनुसार इस बार गेहूं की बिजाई लगभग सही समय पर हो गई थी और ऐसी किस्मों की खेती अधिक क्षेत्रफल में हुई है जिसमें काफी हद तक सन्तोषजनक बनी हुई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 67 प्रतिशत क्षेत्रफल में गेहूं की ऐसी नई किस्मों की बिजाई हुई है जो जलवायु परिवर्तन एवं ऊंचे तापमान को ज्यादा से ज्यादा बर्दाश्त कर सकती है।
राजस्थान के झालावाड़ तथा प्रतापगढ़ जिलों में एक केन्द्रीय दल पहले से ही दौरा कर रहा है जहां गेहूं की फसल प्रतिकूल मौसम से प्रभावित हुई है।
जिन इलाकों में नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक शुरू हो गई है वहां सरकार जल्दी ही सामान्य औसत गुणवत्ता की शर्तों में राहत देने की घोषणा कर सकती है ताकि किसानों से उसकी खरीद करने में कोई कठिनाई न हो।
कुछ इलाकों में गेहूं के दाने चिपटे हो गए हैं जिससे उस अनाज की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे दाम पर हो रही है।
मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। गुजरात में गेहूं का भाव गिरकर 2550 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास आ गया है।
इन तीनों राज्यों में इस बार नए गेहूं की आवक जल्दी शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश में खरीद की प्रकिया औपचारिक रूप से आरंभ हो गई है
लेकिन आमतौर पर पंजाब एवं हरियाणा के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह से नए गेहूं की आवक जोर पकड़ती है।
