राजस्थान में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल 129 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा
15-Jul-2025 11:49 AM
जयपुर। मौसम एवं मानसून की हालत पूरी तरह अनुकूल रहने से राजस्थान में इस वर्ष खरीफ फसलों की बिजाई की रफ्तार काफी तेज है और इसका उत्पादन क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है।
राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में इस वर्ष 14 जुलाई तक खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र उछलकर 129.41 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 92.32 लाख हेक्टेयर से 37.09 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। सिर्फ सोयाबीन को छोड़कर बाकी सभी खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से आगे चल रहा है।
पिछले साल राजस्थान में मानसून पहले सप्ताह में पहुंचा था और उसके बाद फसलों की बिजाई की गति बढ़ी थी। इस बार मानसून वहां जून में ही पहुंच गया। कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान सहित अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 38.96 लाख हेक्टेयर से उछलकर 55.89 लाख हेक्टेयर,दलहनों का बिजाई क्षेत्र 17.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 30.13 लाख हेक्टेयर,
तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 17.94 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 19.47 लाख हेक्टेयर तथा कपास का रकबा 4.85 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.20 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। ग्वार की बिजाई का रकबा भी 10.89 लाख हेक्टेयर से उछलकर 15.11 लाख हेक्टेयर हो गया।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान राजस्थान में धान का उत्पादन क्षेत्र 1.66 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.25 लाख हेक्टेयर, ज्वार का रकबा 4.86 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 5.91 लाख हेक्टेयर,बाजरा का बिजाई क्षेत्र 24.28 लाख हेक्टेयर से उछलकर 38.57 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 8.15 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.14 लाख हेक्टेयर हो गया।
दलहन फसलों में वहां मूंग का उत्पादन क्षेत्र 11.81 लाख हेक्टेयर से उछलकर 19.28 लाख हेक्टेयर, मोठ का बिजाई क्षेत्र 2.68 लाख हेक्टेयर से उछलकर 7.47 लाख हेक्टेयर, उड़द का रकबा 2.34 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.72 लाख हेक्टेयर, चौला का क्षेत्रफल 41 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 57 हजार हेक्टेयर तथा तुवर का क्षेत्रफल 3 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर पहुंच गया।
तिलहन फसलों में तिल का रकबा 94 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 1.44 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 6.71 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.61 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 10.25 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.29 लाख हेक्टेयर रह गया। अरंडी की बिजाई बढ़ी है।
