राजस्थान में खरीफ फसलों का रकबा 155.26 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
13-Aug-2025 04:38 PM
जयपुर। देश की पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में इस वर्ष आरम्भ से ही खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल से आगे चल रहा है क्योंकि इस बार वहां दक्षिण-पश्चिम मानसून जुलाई के बजाए जून के अंतिम सप्ताह में ही पहुंच गया था जिससे किसानों को अगैती बिजाई का अवसर मिल गया।
राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान राजस्थान में 11 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 155.26 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 150.75 लाख हेक्टेयर से करीब 4.52 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
पिछले साल की तुलना में इस बार वहां अनाजी फसलों, दलहनों, तिलहनों एवं कपास का रकबा बढ़ा है मगर ग्वार का क्षेत्रफल घट गया है। तिलहनों में सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र पीछे रह गया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान का उत्पादन क्षेत्र 2.81 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.41 लाख हेक्टेयर, ज्वार का क्षेत्रफल 6.40 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 6.55 लाख हेक्टेयर,
बाजरा का बिजाई क्षेत्र 41.98 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 42.51 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 9.62 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.78 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके फलस्वरूप धान एवं मोटे अनाजों का कुल क्षेत्रफल 60.83 लाख हेक्टेयर से उछलकर 62.29 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसी तरह दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 34.02 लाख हेक्टेयर से उछलकर 36.42 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके तहत मूंग का बिजाई क्षेत्र 21.97 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 23.52 लाख हेक्टेयर, मोठ का रकबा 8.58 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.04 लाख हेक्टेयर,
उड़द का क्षेत्रफल 2.97 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.13 लाख हेक्टेयर, चौला का बिजाई क्षेत्र 46 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 58 हजार हेक्टेयर तथा अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 3 हजार हेक्टेयर से उछलकर 15 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।
तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 21.96 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 22.72 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके अंतर्गत तिल का रकबा 1.83 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.93 लाख हेक्टेयर, मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 8.59 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.78 लाख
हेक्टेयर तथा अरंडी का क्षेत्रफल 75 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 1.24 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 10.79 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.78 लाख हेक्टेयर रह गया। इसकी बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है।
इसके अलावा राजस्थान में कपास का उत्पादन क्षेत्र तो 5.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.29 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर ग्वार का बिजाई क्षेत्र 24.89 लाख हेक्टेयर से घटकर 23.93 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
