राजस्थान में खरीफ फसलों का रकबा बढ़कर 122 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंचा

14-Jul-2025 02:57 PM

जयपुर। देश के पश्चिमी प्रान्त - राजस्थान में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून की जोरदार एवं नियमित बारिश होने से खरीफ फसलों के उत्पादन क्षेत्र में शानदार बढ़ोत्तरी हो रही है और आगे भी इसकी रफ़्तार तेज रहने की प्रबल सम्भावना है। राज्य कृषि विभाग के नवीनतम साप्ताहिक आकड़ों के अनुसार इस वर्ष 11 जुलाई तक राजस्थान में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र उछलकर 121.95 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंच गया जो पिछले साल की समानअवधि के बिजाई क्षेत्र 82.12 .लाख हेक्टेयर से 39.83 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। मानसून इस बार राजस्थान पर पूरी तरह महरबान बना हुआ है।

आधिकारिक आकड़ों के अनुसार पिहले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान 11 जुलाई तक राजस्थान में धान सहित अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 34.31 लाख हेक्टेयर से उछलकर 53.83 लाख हेक्टेयर, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 13.31 लाख हेक्टेयर से उछलकर 27.79 लाख हेक्टेयर, तिलहनों का क्षेत्रफल 17.1 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 18.40 लाख हेक्टेयर, कपास का रकबा 4.79 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.14 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का बिजाई क्षेत्र 10.15 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 13.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। आगे इसमें और भी इजाफा होने की उम्मीद है।

अनाजी फसलों के संवर्ग में वहां धान का उत्पादन क्षेत्र 1.66 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.97 लाख हेक्टेयर, ज्वार का रकबा 3.71 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.53 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 21.61 लाख हेक्टेयर से उछलकर 37.48 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 7.3 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.83 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। राजस्थान देश में बाजरा का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है।

दलहन फसलों में मूंग का उत्पादन क्षेत्र 8.72 लाख हेक्टेयर से उछलकर 17.88 लाख हेक्टेयर, मोठ का बिजाई क्षेत्र 2.32 लाख हेक्टेयर से उछलकर 6.62 लाख हेक्टेयर, उड़द का क्षेत्रफल 1.83 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.66 लाख हेक्टेयर तथा चौला का रकबा 39 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 53 हजार हेक्टेयर हो गया है। राजस्थान मूंग व मोठ के उत्पादन में पहले नम्बर पर रहता है।

तिलहन फसलों एक संवर्ग में तिल का उत्पादन क्षेत्र 83 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 1.22 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 6.31 लाख हेक्टेयर से उछलकर 8.05 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इस तरह अरंडी का रकबा भी 4 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर हो गया लेकिन सोयाबीन का क्षेत्रफल 10.24 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.03 लाख हेक्टेयर पर रह गया। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान मूंगफली के उत्पादन में दुसरे तथा सोयाबीन के उताप्दन में तीसरे नम्बर पर रहता है। ग्वार का सर्वाधिक उत्पादन भी वहीँ होता है।